बलरामपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर-वधू को मिलने उपहार की गुणवत्ता परखी जाएगी। दूसरे जिलों से सामने आई शिकायतों का संज्ञान लेकर मुख्य विकास अधिकारी संजीव कुमार मौर्य ने विवाह के सामनों के गुणवत्ता जांचने के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। गठित दोनों टीमें सात मार्च को होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में दिए जाने वाले उपहारों की गुणवत्ता जांचेगी।
सात मार्च को ब्लाक मुख्यालय स्तर पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह आयोजन में 275 जोड़ों की शादी कराई जानी है। शादी समारोह में वर-वधू को मिलने वाले उपहारों के गुणवत्ता संबंधित शिकायत कम करने के लिए सीडीओ ने जांच समिति गठित की है। गैसड़ी ब्लॉक में आयोजित शादी समारोह में उपहारों की जांच का जिम्मा एडीओ पंचायत, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी व सीडीपीओ जबकि उतरौला ब्लॉक में जांच का कार्य क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी, सीडीपीओ व एडीओ सहकारिता को सौंपा गया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब बेटियों की शादी पर शासन की तरफ से 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। इनमें 35 हजार रुपये शादी करने वाली बेटी के बैंक खाते में भेजी जाती है। छह हजार रुपये में शादी समारोह के मंडप, जयमाल व भोजन आदि पर खर्च किया जाता है। वहीं 10 हजार रुपये में वर-वधू को उपहार स्वरूप कपड़े, जेवर व अन्य सामान दिया जाता है।
उपहार में पांच लीटर का एक प्रेशर कुकर, 30 ग्राम की एक जोड़ी चांदी की पायल, 10 ग्राम की एक जोड़ी चांदी का बिछिया, एक टोपी, 51 बर्तन का स्टील डिनर सेट, एक दीवार घड़ी, एक श्रृंगार किट, दूल्हा को एक पैंट-शर्ट का कपड़ा, पगड़ी व दुल्हन को दो साड़ी सहित एक ट्राली बैग दिया जाता है।