बलरामपुर। बाढ़ खंड के अफसर महिला आरटीई कार्यकर्ता को सूचना देने में हीलाहवाली कर रहे है। महिला ने मुख्यमंत्री समेत विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर सूचना दिलाने की मांग की है। महिला आरटीआई कार्यकर्ता का यह भी आरोप है कि संबंधित विभाग के लोग उसके घर पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश भी कर रहे है।
सदर ब्लॉक के ग्राम पीलीभीत निवासी जन सूचना कार्यकर्ता रीता देवी ने बाढ़ खंड बलरामपुर से पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी है। इनका कहना है कि खंड स्तर पर पिछले तीन वर्षो में निकाले गए टेंडर और प्राक्कलन की छाया प्रति उपलब्ध कराई जाए।
तीन वर्षों में न्यूनतम दर पर हुए टेंडर के बाद शेष धनराशि कब और कहां सरेंडर की गई इसकी प्रमाणित जानकारी दी जाए। तीन वर्षो में खंड के अंतर्गत मनरेगा योजना से कराए गए कार्यों व खर्च का विवरण दिलाया जाए। विगत तीन वर्षों में उपखंड स्तर पर कराए गए भुगतान फार्म 64 की छायाप्रति तथा टीआई व पीआई से हुए भुगतान का विवरण दिलाया जाए।
रीता देवी का कहना है कि विभाग ने उन्हें गत तीन फरवरी को जो जवाब दिया है वह जन सूचना अधिकार शासनादेश के खिलाफ है। इन्होंने इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों तथा मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर शासनादेश के अनुरूप संबंधित सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।
रीता देवी का यह भी कहना है कि गत 25 फरवरी की शाम करीब 7 बजे विभाग के कुछ लोग पुलिस के साथ पहुंचे और जन सूचना मांगने के संबंध में पूछताछ की। यह लोग दबाव बनाने की कोशिश भी कर रहे है। इस संबंध में खंड के अधिशासी अभियंता जेके लाल का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने मीटिंग में होने की बात कहकर फोन काट दिया।