बलरामपुर। बिटिया के साथ हुए दुष्कर्म और दरिंदगी के मामले में रविवार को बलरामपुर पहुंचे दो अफसर परिवार को इंसाफ का भरोसा और स्थानीय प्रशासन को क्लीन चिट देकर लखनऊ रवाना हो गए। भ्रमण के दौरान दोनों अफसरों ने आरोपियों के खिलाफ एनएसए आदि के तहत कार्रवाई की बात तो की लेकिन दोनों ने परिवार को किस तरह की मदद मिलेगी इसका खुलासा नहीं किया।
बीते दिनों बिटिया के साथ हुए दुष्कर्म और दरिंदगी के मामले में पुलिस ने पहले दो फिर दो आरोपियों को जेल तो भेज दिया है लेकिन परिजन लगातार पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे। परिजनों का कहना था कि मामले में दो चार नहीं बल्कि कई अन्य लोग शामिल है। एसपी ने परिजनों को यह भरोसा दिलाया था कि मामले में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी तथा एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ किसी तरह का कोई बयान नहीं दिया। यही नहीं दोनों अफसरों ने बलरामपुर पहुंचने के बाद सबसे पहले डीएम और एसपी से बंद कमरे में वार्ता की। तत्पश्चात दोनों अधिकारी बिटिया के घर के लिए रवाना हो गए।
लगातार लोग यह जानने की कोशिश में रहे कि सरकार ने परिजनों को क्या दिया। इस बात का जवाब किसी ने नहीं दिया। अब देखना यह है कि विरोधी पार्टियां मामले को तूल देने में जुट गई है। पांच अक्तूबर को सपा का प्रतिनिधि मंडल बिटिया के घर पहुंचेगा। इस मामले का किस तरह धार देने की कोशिश की जाएगी यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
वापसी में पहुंचे शक्तिपीठ, महंत से की वार्ता
बिटिया के घर से वापसी तथा परिजनों को इंसाफ और हर संभव मदद का भरोसा दिलाने के बाद लौटे सरकार के अफसरों ने पत्रकार वार्ता के पश्चात सीएम की शक्तिपीठ देवीपाटन भी गए। दोनों अफसरों ने पीठ के महंत मिथिलेश नाथ योगी से मामले में चर्चा की और आनन फानन में प्रसाद लिया। प्रसाद लेने के बाद दोनों अफसर हेलीपैड के लिए रवाना हो गए और देखते ही देखते लखनऊ चले गए। पीठ में पहुंचने पर दोनों अफसर मां पाटेश्वरी का दर्शन करने से इसलिए वंचित हो गए कि उस समय मंदिर के कपाट बंद थे।