सीएमओ कार्यालय में पूरे दिन रहा अजीब माहौल, दिन भर होती रही पत्र लिखने की चर्चासंवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। सीएमओ की कार्यप्रणाली से नाराज अधिकारी व कर्मचारी लामबंद हो गए है। इसको लेकर प्रमुख सचिव से शिकायत की गई है। इसमें सीएमओ पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है। नाम न सार्वजनिक करने की शर्त पर एक अधिकारी ने शिकायती पत्र की प्रति दिखाते हुए आरोप लगाया है कि सीएमओ बेवजह अधिकारियों व कर्मचारियों को अनुपस्थित कर वेतन रोक देते हैं। वेतन निकालने के लिए दबाव बनाते हैं। प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कुछ अफसरों के खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित होकर डीओ लिखा जा रहा है। वरिष्ठ सहायकों के द्वारा बार-बार नोट सीट तैयार कर हस्ताक्षर के लिए सीएमओ के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। जिस पर हस्ताक्षर न करके फाइलों को वापस कर देते हैं। इसके साथ ही कई अन्य आरोप लगाए गए हैं। इसकी काॅपी कई अन्य अधिकारियों को भेजी गई है। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में शुक्रवार को अजीब सा माहौल रहा। दिन भर शिकायत को लेकर चर्चा होती रही लेकिन, कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जयंत कुमार का कहना है कि अभी इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। जानकारी की जा रही है।
आरोप एक नजर में
प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में कार्मिकों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि सीएमओ नामों को बिगाड़ कर संबोधित करते हैं। मानसिक व आर्थिक तनाव देने के साथ ही नियमों के विपरीत देर रात तक ड्यूटी लगाने की बात कही है। सेवा से निकालने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार का कहना है कि शिकायत के बारे में हमें जानकारी नहीं है। कहा कि कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ऐसे में जिनके खिलाफ हमने कार्रवाई की होगी, उन्होंने शिकायत की होगी। शासन की मंशा के अनुरूप हम काम कर रहे हैं। आरोप बेबुनियाद हैं।