बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में अपर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते लोग।
बलरामपुर। पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद मोर्चा के पदाधिकारी व सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अपर एसडीएम संतोष ओझा को सौंपा।
मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। किसी भी नौकरी व भर्ती की परीक्षा में ओबीसी वर्ग के लोगों को नियमों के अनुसार आरक्षण नहीं मिल रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निकाली गई ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती में कुल 1468 पदों के सापेक्ष ओबीसी वर्ग के लिए मात्र 139 पद ही आरक्षित किया गया। इस भर्ती में पिछड़ा वर्ग के लिए मात्र 9.5 प्रतिशत आरक्षण रखा गया। जबकि इस वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का नियम है।
सावन कुमार एडवोकेट ने कहा कि बीते माह उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्वीकार किया था कि प्रदेश में छह लाख ओबीसी के पात्र छात्र-छात्राओं को मौजूदा सत्र में बजट के अभाव में छात्रवृत्ति व फीस भरपाई से वंचित रहना पड़ा है। इसमें कक्षा 10 से ऊपर पढ़ने वाले पांच लाख व इससे नीचे पढ़ने वाले एक लाख छात्र शामिल हैं। मांग किया कि वंचित छात्र-छात्राओं को जल्द से जल्द छात्रवृत्ति व फीस भरपाई का लाभ दिया जाए। ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पिछड़ा वर्ग को नियमानुसार आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया, तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
प्रदर्शन के बाद मोर्चा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अपर एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कहा कि हमारी मांगें न मानी गई तो उत्तर प्रदेश बंद का आह्वान किया जाएगा। प्रदर्शन में अरुण कुमार, महादेव प्रसाद साहू, सतीश कुमार, रामजागे यादव, विजय पटेल, पृथ्वीराज चौहान, रोहित पटेल व प्रकाश वर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।