बलरामपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक डीएम डॉ. महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रसव में लापरवाही के मामले में तुलसीपुर सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स ज्योति मंगलम की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया गया है। निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच में लापरवाही पर अवर अभियंता आरएस मौर्या को डीएम ने फटकार लगाते हुए सुधार लाने की नसीहत दी है। साथ ही जिला स्तरीय समिति से निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच कराने का आदेश दिया है।
बैठक में डीएम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं की समीक्षा की। कहा कि भवनों के निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता मिलने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाय। दूसरे विभाग के जेई को शामिल कर जिला स्तरीय टीम बनाई जाए और उसी टीम से निर्माण कार्यों की जांच कराई जाय। गोल्डन कार्ड की समीक्षा करते हुए कहाकि अबतक जिले में दो लाख से अधिक लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन चुका है, लेकिन अस्पताल में इन मरीजों के इलाज में लापरवाही की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में सीएचसी-पीएचसी पर इन लाभार्थियों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाय।
बैठक में डीएम ने अस्पताल में प्रसव कराने वाली प्रसूताओं को शत-प्रतिशत जेएसवाई भुगतान करने, निष्क्रिय आशाओं को चिन्हित करके सेवा से बाहर करने एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने 95 प्रतिशत लाभार्थियों का भुगतान किए जाने व इस वित्तीय वर्ष में खर्च हुए बजट का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह, डॉ. एके सिंघल, डॉ. एके शुुक्ला, डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह व डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।