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UP: घोड़े को छोड़ गया बेटा, कुत्ते को भी नहीं ले गया साथ, पुलिस ने अब इन्हें सौंपा; छांगुर पर होगी ये कार्रवाई

Thu, 10 Jul 2025 11:39 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर

सार

बलरामपुर के जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पर गैंगेस्टर की कार्रवाई होगी। पुलिस ने एफआईआर का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन छांगुर की अन्य संपत्तियों का ब्योरा भी जुटा रहा है। एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर भी छानबीन की जा रही है।
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घोड़े को छोड़ गया बेटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन कराने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की मधपुर में सरकारी जमीन पर बनी किलानुमा कोठी को तोड़ने के लिए बुधवार को दूसरे दिन भी 10 बुलडोजर चलते रहे। इसके बाद भी अतिक्रमण पूरी तरह ध्वस्त नहीं हो सका। 
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ऐसे में प्रशासन आज तीसरे दिन भी कार्रवाई कर रहा है। वहीं, छांगुर पर गैंगेस्टर की भी होगी कार्रवाई होगी। इसके लिए एफआईआर का ब्योरा जुटाया जा रहा है। एसपी विकास कुमार ने बताया कि पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। धर्म परिवर्तन के मामले में किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।

बुधवार सुबह 10 बजे मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीम ने पूर्व में तोड़ी गई कोठी के मलबे को हटाया। इसके बाद बुलडोजर से कोठी के दूसरे हिस्से को गिराना शुरू किया। मजबूत पिलर पर बनी दो मंजिला कोठी को तोड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। 
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तीन तरफ से बुलडोजर लगाए गए। सामने से चार बुलडोजर कक्षों को तोड़ने में जुटे। दाएं तरफ से भी तीन बुलडोजर ध्वस्तीकरण में जुटे। पीछे से कोठी को तोड़ने के लिए तीन बुलडोजर जुटे रहे।

इस बीच जिलाधिकारी पवन अग्रवाल व एसपी विकास कुमार ने ध्वस्तीकरण का निरीक्षण किया। निर्देश दिया कि अवैध निर्माण की एक ईंट भी न बचने पाए। एसडीएम राजेंद्र बहादुर ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी अभियान चलाया जाएगा। प्रयास होगा कि पूरी कोठी बृहस्पतिवार को ध्वस्त कर दी जाए।

 

घोड़े को छोड़ गया बेटा, पुलिस ने दूसरे को सौंपा
छांगुर की कोठी में एक सफेद घोड़ा भी था। उसे पहले छांगुर का एक बेटा ले जाना चाहता था। लेकिन बाद में वह छोड़ गया। कुत्ते को भी छोड़ दिया। पुलिस ने घोड़े को शहर निवासी अजीम को सौंपा। घोड़े के लिए छांगुर ने अस्तबल बनाया था, फिलहाल अस्तबल सुरक्षित है। 
 

वह कार्रवाई के दायरे में नहीं आया है। अस्तबल में घोड़े के खाने के कई इंतजाम थे। गुड और चना खाने को मिलता था। अब वही घोड़ा सूखी घास खा रहा है। उसे बाहर ही बांधा गया है। इसी तरह कुत्ते को भी अब दूध रोटी नहीं मिल रही है।

 

छांगुर की संपत्तियों का तैयार हो रहा है ब्योरा
प्रशासन छांगुर की अन्य संपत्तियों का ब्योरा भी जुटा रहा है। एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर भी छानबीन की जा रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि उतरौला कस्बे में एक तालाब की जमीन को छांगुर वर्ष 2022 में ही कब्जा करना चाहता था। उस समय नगर पालिका ने आपत्ति कर दी और एडीएम को रिपोर्ट भेज दी। 
 

इसके बाद भी तहसील कर्मियों से मिलीभगत करके तालाब की जमीन छांगुर ने नीतू के नाम करा दी। इसी तरह एक किशोर से जमीन का बैनामा कराया गया और मिलीभगत ऐसी थी कि नियमों की अनदेखी कर दाखिल खारिज भी करा लिया गया। अब यह दोनों संपत्तियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। फिलहाल अधिकारी इन मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं।

 

छांगुर के आरामगाह पर पुलिस ने जड़ा ताला
धर्म परिवर्तन के अड्डे को गिराने की कार्रवाई के साथ ही बुधवार को छांगुर के आरामगाह पर भी पुलिस की निगाहें टेढ़ी रहीं। पुलिस ने सभी कमरों में ताला लगा दिया। असल में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू होने पर छांगुर के परिजन कोठी छोड़कर चले गए हैं। 

वे कुछ सामान तो ले गए हैं, लेकिन काफी सामान अभी पड़ा हुआ है। ऐसे में कमरों के खुले होने से लोगों की आवाजाही हो रही थी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने बुधवार को सभी कक्षों को बंद करा दिया।

 
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आजमगढ़ में सीएम के तेवर देख सक्रिय हुआ प्रशासन
आजमगढ़ में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छांगुर को बलरामपुर का जल्लाद कहा, जिसकी चर्चा पूरे जिले में आम रही है। प्रशासनिक अधिकारियों में भी खलबली रही। डीएम और एसपी उतरौला पहुंचे और स्थानीय अधिकारियों के साथ मंत्रणा की। माना जा रहा है कि छांगुर के मामले में कुछ और बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसके साथ ही खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।

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