बलरामपुर में बाबा शहीद मर्द की प्राचीन मजार को सरकारी जमीन पर बने होने के कारण नगर पालिका हटाने की कार्रवाई कर रही है। नोटिस के बाद स्थानीय लोगों में असंतोष है, क्योंकि मजार सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखती है।
बलरामपुर। शहर के बड़े पुल के पास स्थित प्राचीन बाबा शहीद मर्द के मजार को हटाने की तैयारी है। उपजिलाधिकारी सदर की रिपोर्ट के आधार पर नगर पालिका परिषद ने मजार को हटाने के लिए नोटिस दिया है। आस्ताना प्रबंध समिति के अध्यक्ष टेढ़ी बाजार निवासी फैजान खान को ईओ ने निर्देश दिया कि अगर वह 24 घंटे में मजार नहीं हटाते तो नगर पालिका कार्रवाई करेगी।
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नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी लालचंद मौर्य ने 16 सितंबर को मजार हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि मजार के संबंध में फैजान खान की ओर दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं है। इससे अब मजार को हटाने की जिम्मेदारी आस्ताना प्रबंध समिति को ही सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि मजार का निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है, इसका खुलासा जांच में हुआ है। एसडीएम ने जांच रिपोर्ट के साथ मजार को हटाने का निर्देश दिया है। नोटिस के बाद मजार से आस्था रखने वाले लोग में बेचैनी है। आस्ताना प्रबंध समिति के अध्यक्ष फैजान खान ने कहा कि बाबा शहीद मर्द की मजार न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का भी अहम हिस्सा है। स्थानीय लोग हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं कि मजार का अस्तित्व सुरक्षित रहे।
सौहार्द की मिसाल है मजार
करीब 50 वर्ष पुराना बाबा शहीद मर्द का मजार सौहार्द की मिसाल है। यहां पर रजब के माह में सालाना उर्स का आयोजन होता है, जिसमें शहर के सभी वर्ग के लोग शामिल होते हैं। 50 हजार के करीब लोग मजार पर जियारत करने पहुंचते हैं। इसके अलावा विभिन्न मौके पर भी लोग नियमित मजार पर आते रहते हैं। आस्ताना प्रबंध समिति के अध्यक्ष फैजान खान ने कहा कि नगर पालिका का कहना है कि मजार नगर पालिका के क्षेत्र में सड़क पर है, जबकि मजार किनारे है और फुटपाथ भी खाली है। शहर के मोहसिन ने भी कहा कि मजार को इस तरह हटाने की कार्रवाई गलत है। मजार की वजह से कभी कोई जाम भी नहीं लगता है।