आरोप है कि मनरेगा में काम दिखाकर गैर प्रदेश में रह रहे और मृतकों के नाम पर मजदूरी का भुगतान किया गया है। इसके साथ ही जहां तालाब की खोदाई दिखाई गई, वहां मटर के खेत हैं। ऐसे की कई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
डीएम ने मामले की जांच जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी को सौंपी थी। लेकिन जांच नहीं हुई। इसपर अल्ताफ ने अवमानना याचिका दाखिल की, जिसकी सुनवाई हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने की। उन्होंने जांच में देरी पर डीएम को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशीष कुमार शुक्ल ने बताया कि दो सप्ताह में जवाब न देने पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मामले में जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी निश्चल आनंद ने बताया कि जांच वही कर रहे हैं। शुक्रवार को जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप देंगे।