श्रीदत्तगंज। पंचायत भवनों में ऑनलाइन अटेंडेंस की अनदेखी अब पंचायत सहायकों पर भारी पड़ने लगी है। लगातार गैरहाजिर रहने और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने वाले 22 पंचायत सहायकों को प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है।
पंचायत सहायकों की ऑनलाइन उपस्थिति और पंचायत भवनों से ग्रामीणों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा के दौरान कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। जांच में उनकी ऑनलाइन अटेंडेंस भी दर्ज नहीं पाई गई, जिस पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। नोटिस की जद में अगया बुजुर्ग की शांति देवी, अगया खुर्द की लक्ष्मी देवी, बभनपुरवा के विजय कुमार, भिठौढ़ी की नंदिनी पांडेय, चमरूपुर की ज्योति कौशल, चंदापुर की सुषमा वर्मा, चवई बुजुर्ग की प्रीति वर्मा, दारीचौरा की रीना वर्मा, इटईमैदा की आशा वर्मा, जगदेवा की आरती यादव, जिगना के कैलाश जायसवाल शामिल हैं।
इसके अलावा केरावगढ़ की मीनाक्षी देवी, खमरिया अलादाद की पूनम देवी, खरदौरी की दीपा वर्मा, क्यामजोत के सीनू, पचौथा के रजत जायसवाल, पिपरा रामचंदर के इब्ने हसन, पुरैना कानूनगो की जैनब खान, रसूलपुर की महक फातिमा, सहदेइया की सूची गुप्ता, त्रिगुनायतपुर की वैशाली तिवारी और विसम्भरपुर की सुमन देवी को नोटिस दिया गया है।
कई पंचायत सहायकों को पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है। रसूलपुर की पंचायत सहायक महक फातिमा को चौथी बार नोटिस जारी हुआ है, जबकि कई अन्य कर्मचारियों को तीसरी बार चेतावनी मिली है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : श्रेया
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने साफ कहा कि पंचायत भवन ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का केंद्र हैं। ऐसे में कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित पंचायत सहायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।