ओपीडी में वायरल व मौसमी बुखार से मरीजों की बढ़ी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। डेंगू ही नहीं अब वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वैसे इससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है। जिला मेमोरियल व संयुक्त जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी लैब में जांच के बाद मरीजों में ऐसी समस्या देखने को मिल रही है।
पहले केवल डेंगू पाॅजिटिव मरीजों में ही प्लेटलेट्स की कमी आती थी, लेकिन अब वायरल और मौसमी बुखार से पीड़ित लोगों में भी प्लेटलेट्स कम होने की समस्या देखने को मिल रही हैं। जिन्हें बुखार के साथ खांसी, जुकाम और सांस लेने में दिक्कत हैं, उनकी जांच करने पर प्लेटलेट्स काफी कम आ रही हैं।
जिला मेमोरियल चिकित्सालय के जनरल फिजीशियन डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि सामान्य व्यक्ति में 1.50 लाख प्लेटलेट्स होते हैं। वहीं इस समय जो वायरल बुखार वाले मरीज आ रहे हैं, जांच के बाद पाया गया है कि उनकी प्लेटलेट्स 80 से 90 हजार के बीच में रहती है। ऐसे में यह साफ है कि अब वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगर सिर और गले में दर्द, खांसी जुकाम, बुखार और भूख न लगने की शिकायत है तो तुरंत डॉक्टर को आकर दिखाएं। बदलते मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखें। जिला मेमोरियल अस्पताल में औसतन वायरल बुखार के 40 मरीजों में से 15 में प्लेटलेट्स कम की समस्या आ रही है। इसी सप्ताह प्लेटलेट्स कम वाले मरीज काफी संख्या में आए हैं।
ताजे फल का करें सेवन
जनरल फिजीशियन के अनुसार बारिश में पनपने वाले मच्छर के काटने से जो बुखार होता है, उसमें प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में लोगों को मच्छरों से बचना चाहिए। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। दूषित पानी जमा न होने दें। ताजे फल व विटामिन सी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।