उतरौला (बलरामपुर)। वित्तविहीन शिक्षक महासभा की एक बैठक सोमवार को रामतीरथ इंटर कालेज में संपन्न हुई। बैठक में सरकार की नई नियमावली का विरोध करने का निर्णय लिया गया। वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण केे लिए संगठन की एकजुटता पर बल दिया गया।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महासचिव अजय सिंह ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सरकार नई नियमावली तैयार कर रही है। इस नियमावली में वित्तविहीन शिक्षकों को 15 हजार रुपये मासिक मानदेय विद्यालय के प्रबंधक द्वारा दिए जाने की बात कही गई है।
विद्यालय प्रबंध समिति शिक्षकों को 15 हजार मानदेय देने में सक्षम नहीं हो सकती है। सरकार की इस नई नियमावली का वित्तविहीन शिक्षक महासभा द्वारा हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा जाएगा।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के हित में केवल दो शिक्षक शिक्षक एमएलसी सदन में आवाज उठाते है बाकी 14 एमएलसी विरोध करते है। 2020 के चुनाव में हम लोग ऐसे एमएलसी का विरोध करेंगे। बैठक में मौजूद जिलाध्यक्ष राजेंद्र बहादुर सिंह, रीता चौधरी, केपी यादव, रमेश चंद्र त्रिपाठी व विष्णू सिंह आदि ने शिक्षक हितों में आवाज बुलंद करने के लिए संगठन को मजबूत बनाने की बात कही।