बलरामपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में पढ़ने की उम्मीदों को स्कूलों की मनमानी के आगे झटका लग रहा है। जिले के चार नगर निकायों में करीब 56 वार्ड हैं। जहां के स्कूलों की मैपिंग ही पोर्टल पर नहीं है। ऐसे में इन वार्डों के गरीब अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला आरटीई के तहत कराना चाहते हैं तो उन्हें स्कूल खोजे नहीं मिल रहे।
बच्चों के दाखिले के लिए आरटीई पोर्टल पर अभिभावकों को आवेदन करना होता है। मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा एक या प्री प्राइमरी में नामांकित बच्चों के सापेक्ष 25 फीसदी सीटों पर आरटीई के तहत प्रवेश की सुविधा दी जाती है। लाॅटरी के माध्यम से स्कूलों का चयन कर प्रवेश दिलाया जाता है।
बात अगर बलरामपुर व उतरौला नगर क्षेत्र की बात करें तो दोनों नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 50 वार्ड हैं। इन वार्डों में यू-डायस पोर्टल पर 124 स्कूल दर्ज हैं, जबकि आरटीई पोर्टल पर 86 ही हैं।
बलरामपुर नगर के अंधियारी बाग, गदुरहवा दक्षिणी, पूरबटोला पूर्वी, पुरानी बाजार, भगवतीगंज दक्षिणी व सब्जीमंडी वार्ड के स्कूल आरटीई पोर्टल पर दिख ही नहीं रहे हैं। उतरौला में 22 वार्डों में यही स्थिति दिख रही है। जिले के बलरामपुर नगर, उतरौला नगर, तुलसीपुर व पचपेड़वा के 56 वार्डों के स्कूलों की मैपिंग पोर्टल पर नहीं है।
नवसृजित नगर पंचायत गैसड़ी के स्कूल ग्रामीण में तो रजिस्टर्ड हैं लेकिन पोर्टल पर वह नगरीय क्षेत्र में नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बीएसए कल्पना देवी का कहना है कि पोर्टल को अपडेट कराया जा रहा है। जिन वार्डों में जीरो मैपिंग की बात आ रही है, उसका यू डायस से अपडेशन कराया जाएगा।