बलरामपुर। पचपेड़वा के मिशन हॉस्पिटल में प्रसूता के नवजात को बेचने के मामले में आरोपित सभासद नासिर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। हालांकि पुलिस उसके कारोबार से जुड़े हर एक ठिकाने को खंगालने में जुटी है। इस दौरान उसके नेपाल कनेक्शन की पड़ताल भी की जा रही है। इसमें नेपाल की एक बंद फैक्ट्री खरीदने का मामला भी सामने आया है। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिर नेपाल में ही मौजूद है।
इस पूरे मामले में बढ़नी नगर पंचायत के वार्ड नंबर एक के सभासद निसार की नवजात की खरीद फरोख्त में अहम भूमिका सामने आई है। उसने यह नवजात किसी और को देने के लिए हॉस्पिटल संचालक से लिया था। वास्तविक खरीदार के न आ पाने के कारण ही नासिर ने नवजात को अपने घर में रखा था। जिसे पुलिस ने बरामद किया था।
निसार की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस के हाथ कई अहम जानकारियां लगी हैं। पता चला कि 11 साल पहले निसार नमकीन बेच कर अपना गुजारा करता था। इसके बाद उसने दोना और पत्तल बनाने व बेचने का कारोबार शुरू किया। इसके बाद अचानक यह दोंनो कार्य बंद कर निसार बड़ा कारोबारी बन गया। इसके बाद उसने निकाय चुनाव में हिस्सेदारी कर सभासद बनकर ठेकेदारी करना भी शुरू कर दिया था।
जांच में जुटी पुलिस टीम के अनुसार उसने नेपाल में भी अपना कारोबार काफी फैला रखा है। इसी दौरान उसकी मुलाकात बढ़नी के रूबी हॉस्पिटल के चिकित्सक डा. हफीजुर्रहमान से हुई। इसके बाद इन दोनों ने नवजात को खरीदने व बेचने का धंधा शुरू किया। अब उसके नेपाल में होने की जानकारी है।
खुफिया एजेंसियां भी निसार की गिरफ्तारी को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गईं हैं। इस दौरान एक टीम गोपनीय तरह से बढ़नी भी पहुंची और उसने निसार के बारे में जानकारी एकत्र की है। ताकि उस तक पहुंचने का सही कनेक्शन मिल सके। पचपेडवा के क्राइम ब्रांच निरीक्षक संतोष कुमार त्रिपाठी ने बताया कि निसार की तलाश के लिए टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी होगी। दूसरी तरफ निसार के मिलने तक नवजात व उसकी मां पुष्पा की सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था पुलिस कर रही है।