बलरामपुर। फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) कराया जाएगा। सर्वे में स्वास्थ्य कर्मी रात आठ से 12 बजे के बीच फाइलेरिया परजीवी के सक्रिय होने पर सैंपलिंग करेंगे। इस दौरान 20 साल के अधिक उम्र वाले लोगों का नमूना लेकर लैब में उसकी जांच कराई जाएगी।
यह जानकारी सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में स्वास्थ्य कर्मियों को दी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया को हाथीपांव भी कहते हैं, यह बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है। इस बीमारी के होने पर पैर व हाथ के साथ शरीर के विशेष अंगों में सूजन आ जाती है। फाइलेरिया होने पर इसका इलाज संभव नहीं है, लेकिन आठ अगस्त से चलने अभियान में फाइलेरिया रोधी दवाएं खाकर इसकी चपेट में आने से बचा जा सकता है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने एनबीसी व उसकी जांच से जुड़ी जानकारियां लैब टेक्नीशियन को दीं। पाथ की नोडल डॉ. अपर्णा यादव व अतुल कुमार ने अभियान की जानकारी दी। इस अवसर पर एलटी सोनम तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। (संवाद)