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जमीन पर जल्द दिखने लगेगा नई रेलवे लाइन का काम

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श्रावस्ती। खलीलाबाद-बहराइच वाया भिनगा रेललाइन बनाने काम का जल्द ही जमीन पर दिखने लगेगा। इसके लिए तीन जिलों बहराइच-बलरामपुर और श्रावस्ती में जमीन अधिग्रहीत करने के प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिस जमीन पर पटरियां बिछाई जानी हैं उसका नक्शा और गाटा संख्या रेल मंत्रालय ने तीनों जिलों को उपलब्ध करा दिया है।
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इसके साथ ही एक प्रस्ताव भी अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को भेजा गया है। रेलवे लाइन के लिए बहराइच के आठ गांवों में कुल 242.50 एकड़ व श्रावस्ती में 38 गांवों व दो नगरों की 535.50 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जाएगी।
इसमें श्रावस्ती में लगभग 41 किलोमीटर की रेलवे लाइन बिछाई जाएगी जबकि बलरामपुर में इसकी लंबाई लगभग 48 किलोमीटर होगी। बलरामपुर-बहराइच के बीच इस रूट का पहला क्रॉसिंग स्टेशन श्रावस्ती में बनाया जाएगा। बहराइच में लगभग आठ किमी. रेलवे लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। उल्लेखनीय है कि श्रावस्ती में अभी कोई रेलवे लाइन नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार ने इस इलाके में नया रेलवे रूट बनाने का प्रस्ताव पास किया था।
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श्रावस्ती के इन गांवों से होकर निकलेगी रेलवे लाइन
औरैया टिकई, तुरहनी बलराम, मोहरनिया, चौव्वापुर पजावा, सोनवा, हुसैनपुर खुरहुरी, गिलौली, अकारा, नेवरिया, फतुहापुर, लखाही खास, खजुहा झुनझुनिया, नरायनपुर, जरकुशहा, पटना खरगौरा, गलकटवा, खैरीकला, पूरेखैरी, भिनगा खास, लक्षमनपुर इटवरिया, चकवा, रेहली विशुनपुर, बैरागीजोत, लखाही बेनीनगर, किशुनपुर रामनगर, पिपरहवा, बहादुरपुर, लक्ष्मनपुर गोड़पुरवा, गनेशपुर, सेमरी तरहर, एकघरवा, नारायनजोत, किड़िहौना, मनिकापुर कोड़री, मझौवा सुमाल, इकौना, इकौना देहात, मोहम्मदपुर राजा, खरगौरा गनेश, राजगढ़ गुलहरिया से होते हुए घुघुलपुर से बलरामपुर रेलवे स्टेशन को जोड़ेगी।
बहराइच के इन गांवों से गुजरेगी ट्रेन
नगरौर, अशोका, तुरैला, रेवली, इटोंझा, हटवा रायब, बरागुन्नू, मुसगढ़ा।
2025 तक काम पूरा करने की योजना
नई रेलवे लाइन (बड़ी लाइन) खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक बिछाई जानी है। जिसकी दूरी 240 किलोमीटर है। इस रेलवे लाइन को पूरा करने के लिए 2024-25 तक का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए कैबिनेट 4940 करोड़ रुपये का बजट पहले ही स्वीकृत कर चुकी है। इसमें से दस करोड़ रुपये की टोकन मनी प्राप्त मिल भी गई है।
इस परियोजना से फायदा
नई रेलवे लाइन से पिछड़ेपन की मार झेल रहे श्रावस्ती, बहराइच व बलरामपुर के टूरिज्म को रफ्तार मिलेगी, तो वहीं तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिलेगा। श्रावस्ती में जैन तीर्थांकर संभवनाथ की जन्मस्थली, भगवान बुद्ध का कर्मस्थल है, ऐसे में जैन धर्म के लोगों के लिए यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। वहीं बलरामपुर के नजदीक तुलसीपुर में मां दुर्गा का प्रसिद्ध देवीपाटन मंदिर है। जो 51 शक्तिपीठों में शामिल है। भिनगा तक रेल लाइन बिछने से पड़ोसी देश नेपाल का सफर भी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही भारत नेपाल सीमा होने के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस रेलवे लाइन का महत्व है।
अधिग्रहण के लिए अफसर की तैनाती जल्द
भूमि अधिग्रहण के लिए रेल मंत्रालय की ओर से जल्द ही एक अधिकारी की तैनाती जिले में की जाएगी। इसी के साथ रेलवे मंत्रालय प्रारूप 20 पर प्रस्ताव देगा। इसमें मांगी गई जमीन का सत्यापन कराने के बाद इसके अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा जाएगा। सरकार की ओर से नोटीफिकेशन आने के बाद जमीन का अधिग्रहण और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू होगी।
खलीलाबाद-बहराइच वाया बांसी रेलवे लाइन के लिए अब फाइनल सर्वे हो चुका है। भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। जल्द ही जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- संजय यादव, सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे
निर्धारित प्रारूप पर मांगा प्रस्ताव
रेलवे ने नई रेलवे लाइन के लिए जो प्रस्ताव भेजा है। उसमें कई कमियां हैं। उनकी ओर से आए मानचित्र व गाटा संख्या में बहराइच से भकला तक का प्रस्ताव नहीं है। जबकि बहराइच से लेकर बलरामपुर तक का पूरा प्रस्ताव गांव वार भेजा जाना चाहिए। संशोधित प्रस्ताव मिलते ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
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- योगानंद पांडेय, एडीएम
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