फोटो-4-गोंडा में परेड सरकार स्थित सम्मय माता मंदिर में पूजन करते श्रद्घालु। -संवाद
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बलरामपुर। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को देवी मंदिरों में मां दुर्गा की दूसरी शक्ति देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना विधि-विधान के साथ की गई। मां ब्रह्मचरिणी की आराधना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में रविवार की भोर पहर से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने मां ब्रह्मचारिणी से ज्ञान के साथ परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
चैत्र नवरात्र की द्वितीया तिथि को मां भगवती की द्वितीय शक्ति देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप देवी ब्रह्मचारिणी का उद्भव ब्रह्मा जी के कमंडल से हुआ था। सृष्टि का विस्तार करने के लिए ब्रह्मा जी ने इसी शक्ति का सहारा लिया था। सृष्टि का कारक मानी जाने वाली देवी ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, वैराग्य एवं ध्यान की अधिष्ठात्री कहा गया है। नवरात्र द्वितीया के दिन रविवार को तुलसीपुर स्थित देवी पाटन मंदिर में भोर पहर ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। सूर्य कुंड में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर मां पाटेश्वरी की पूजा-अर्चना की और नारियल व चुनरी चढ़ाकर मातारानी का आशीर्वाद लिया।
बिजलीपुर स्थित मां बिजलेश्वरी देवी मंदिर, तुलसीपुर स्थित नई देवी मंदिर, जरवा स्थित रहिया देवी मंदिर, उतरौला स्थित ज्वाला देवी मंदिर तथा नगर स्थित झारखण्डी मंदिर, सम्मय माता मंदिर, कालीथान एवं बडिक़ी बहिनी मंदिर में भी सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं ने देवी ब्रह्मचारिणी की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में चैत्र नवरात्र पर लगने वाले एक माह के मेले में आस पास के क्षेत्रों सहित नेपाल राष्ट्र से भी भारी संख्या में लोग भाग लेते हैं। मेले में भारी भीड़ जुट रही है। लोग सर्कस, झूला व अन्य मनोरंजन के साधनों का लुत्फ उठा रहे हैं।