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Balrampur News: 2.72 लाख मतदाताओं के नाम कटे

Fri, 10 Apr 2026 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-1- कलेक्ट्रेट में पार्टी प्रतिनि​धि को मतदाता सूची प्रदान करते डीएम विपिन कुमार जैन। स्रोत
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बलरामपुर। जनपद में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची ने राजनीतिक दलों की रणनीति को नया मोड़ दे दिया है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 13,10,755 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 7,37,627 पुरुष, 5,73,091 महिला और 37 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। अभियान के दौरान जिले में 2.72 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। नई सूची सामने आने के बाद दलों ने बूथवार गणित बैठाना शुरू कर दिया है, क्योंकि मतदाताओं की संख्या में बदलाव का सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।
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जारी सूची के अनुसार तुलसीपुर विधानसभा में 3,25,388 मतदाता, गैसड़ी में 3,11,671, उतरौला में 3,39,637 और बलरामपुर में 3,34,059 मतदाता दर्ज किए गए हैं। उतरौला और बलरामपुर सीटों पर मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक होने से इन क्षेत्रों में मुकाबला और रोचक होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं गैसड़ी में मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से यहां छोटे अंतर से परिणाम प्रभावित होने की संभावना मानी जा रही है। ड्राॅफ्ट सूची (06 जनवरी 2026) में 11,71,827 मतदाता थे, जो अंतिम सूची में बढ़कर 13,10,755 हो गए। यानी 1,38,928 नए मतदाता जुड़े हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर जुड़े नए मतदाता चुनावी रुझान बदल सकते हैं। खासतौर पर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। 28 अक्तूबर 2025 की सूची में 15,83,027 मतदाता थे। संशोधन के बाद संख्या घटकर 13,10,755 रह गई है। 2.72 लाख नाम सूची से हटे हैं। इनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं। इस बदलाव से कई बूथों पर पुराने वोट बैंक का संतुलन प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक दल अब यह आकलन कर रहे हैं कि किन क्षेत्रों में उन्हें लाभ या नुकसान हो सकता है।

महिला मतदाता बन सकती हैं गेम चेंजर
नई सूची में 5,73,091 महिला मतदाता दर्ज हैं। जेंडर रेशियो 777 होने से महिला मतदाताओं की भागीदारी अहम मानी जा रही है। पिछले चुनावों में महिला मतदान प्रतिशत बढ़ने की प्रवृत्ति को देखते हुए राजनीतिक दल महिला केंद्रित मुद्दों पर जोर देने की तैयारी में हैं। राशन, आवास, उज्ज्वला, पेंशन, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं। जिले में कुल 1,805 पार्ट और 956 मतदान स्थल हैं। नई सूची जारी होने के बाद राजनीतिक दल बूथवार नए मतदाताओं की पहचान कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को घर-घर संपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं। जिन बूथों पर मतदाताओं की संख्या में अधिक बदलाव हुआ है, वहां विशेष ध्यान देने की तैयारी है।
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शहरी बनाम ग्रामीण वोटरों का प्रभाव
मतदाता सूची के संशोधन में शहरी क्षेत्रों में स्थानांतरण के कारण नाम हटने और नए नाम जुड़ने का असर देखा गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में नए युवा मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। राजनीतिक विश्लेषक एसएन मिश्र का मानना है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में पिछली बार जीत-हार का अंतर कम रहा था, वहां नए मतदाताओं की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण होगी। इसमें बलरामपुर सदर व तुलसीपुर सीट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन क्षेत्रों के बूथ स्तर पर थोड़े बदलाव भी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इसी कारण दल अब माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर दे रहे हैं। नई मतदाता सूची के बाद जिले में चुनावी हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। मतदाताओं की संख्या में बदलाव से चारों विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण नए सिरे से बनते दिख रहे हैं। अब दलों की नजर नए मतदाताओं को साधने और बदले बूथ गणित को अपने पक्ष में करने पर टिकी है।
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