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Balrampur News: सिरिंज बाहर से लाओ, तब लगेगा इंजेक्शन

Sun, 05 Feb 2023 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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महाराजगंज तराई पीएचसी में मरीज का इलाज करते डॉक्टर।
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बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में पहुंचे अधिकतर मरीजों को निराश होना पड़ा। मरीजों को डॉक्टर नहीं मिलते हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट से ही इलाज कराकर दवा लेनी पड़ती है। अल्ट्रासाउंड जांच बाहर से करानी पड़ रही है। रविवार को पीएचसी रेहरा बाजार में आयोजित जन आरोग्य मेले की पड़ताल की गई। पेश एक रिपोर्ट -
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कुत्ते के काटने पर रेहरा बाजार पीएचसी के स्वास्थ्य मेले में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे राजकुमार को स्वास्थ्यकर्मी ने सिरिंज न होने की बात बताई। कहा कि बाहर से सिरिंज खरीद लाओ तभी एंटी रैबीज इंजेक्शन लग पाएगा। इसके बाद राजकुमार मेडिकल स्टोर से सिरिंज खरीदकर लाए तब इंजेक्शन लग सका।

आंखों में तकलीफ होने पर स्वास्थ्य मेले में दिखाने आए सज्जन सिंह को निराश होना पड़ा। जन आरोग्य मेले में आंख का कोई डॉक्टर ही नहीं था। सज्जन सिंह ने बताया कि यहां डॉक्टर न होने के कारण अब बाहर प्राइवेट में चिकित्सक से परीक्षण कराना पड़ेगा।
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पेट में दर्द होने पर इलाज के लिए आए राजेश मिश्र ने बताया कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी है। यहां आसपास के अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में प्राइवेट सेंटर पर अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए 500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

ये हाल केवल पीएचसी रेहरा बाजार की ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के अन्य अस्पतालों में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का है। अधिकांश अस्पतालों के डॉक्टर जन आरोग्य मेले में पहुंचे ही नहीं। फार्मासिस्ट ही मरीजों की जांच कर दवा देते हैं। डॉक्टरों की उदासीनता के चलते ग्रामीणों का मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के प्रति मोहभंग होता जा रहा है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जिले के 24 स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इसमें 218 महिला, 319 पुरुष व 125 बच्चों सहित कुल 662 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गईं। इस दौरान 39 लोगों का आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड भी बनाया गया।
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