बलरामपुर। ख्वाजा गरीब नवाज के रूप में विख्यात अल्लाह के प्यारे वली हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती का सालाना उर्स रविवार को धूमधाम से मनाया गया। ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स पर जगह-जगह लंगर व मीलाद का आयोजन किया गया। घरों में फातिहा पढ़कर मुल्क में अमन-चैन व कौम की तरक्की के लिए दुआ मांगी गई।
शहर के मोहल्ला कर्बला में रविवार को आयोजित जश्न-ए-ख्वाजा गरीब नवाज जलसे को संबोधित करते हुए शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी ने कहा कि हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती गरीबों के मसीहा थे। खुद भूखे रहकर दूसरों को खाना खिलाते थे। वह हमेशा दीन-दुखियों की मदद करने के साथ ही दूसरों को भी नेकी के रास्ते पर चलने का संदेश देते थे।
उन्होंने कौम की तरक्की के लिए शिक्षा को जरूरी बताते हुए बेटों और बेटियों को शिक्षित बनाने का संदेश दिया। गरीबों की मदद के कारण ही उन्हें ख्वाजा गरीब नवाज के रूप में जाना जाता है। अब्दुल सलाम और मौलाना मोहम्मद उमर ने कहा कि हजरत ख्वाजा गरीब नवाज के रास्ते पर चलने की अपील की। कारी मो. नईम एवं मो. शाहिद रजा ने कहा कि अगर आपका पड़ोसी भूखा है तो सबसे पहले आप उसकी भूख मिटाएं।
मोहल्ला पुरैनिया तालाब स्थित नगर पालिका कार्यालय के पास लंगर का आयोजन किया गया। देर शाम तक चले लंगर में सैकड़ों अकीदतमंदों ने तबर्रुक लिया। कई अन्य मोहल्लों में भी मिलाद, लंगर व फातिहा पढ़ने का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।