बलरामपुर। सदर तहसील में शनिवार को आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम डॉ. महेंद्र कुमार व एसपी केशव कुमार ने जनता की फरियाद सुनी। सदर ब्लाॅक के सिसई गांव निवासी तिलकराम ने अधिकारियों से कहा कि चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर एक-दो बार नहीं बल्कि 14 बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। इसके बावजूद समाधान नहीं हो पाया। इस पर डीएम ने कार्रवाई का आदेश दिया है।
सदर ब्लाॅक के भगवानपुर की गीता देवी, नीलम, सुनीता व रामा ने डीएम को शिकायती पत्र देकर प्रधानमंत्री आवास की मांग की। महिलाओं ने बताया कि अक्तूबर माह में आई बाढ़ में घर बह गया। अब परिवार खुले आसमान के नीचे रह रहा है। अक्तूबर से प्रधानमंत्री आवास व बाढ़ राहत मुआवजे के लिए भटकने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्राम विशुनीपुर के सुरेश शर्मा ने बताया कि उसकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। कुछ दिन पूर्व उसने राजस्व व पुलिस टीम से जमीन की पैमाइश कर चिन्हांकन भी करा दिया, मगर दबंगों ने फिर से कब्जा कर लिया है। मगर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अड़ार पाकड़ गांव के तेज बहादुर शुक्ल ने बताया कि एक साल से किसान सम्मान निधि नहीं मिली है। कृषि विभाग कार्यालय के कई चक्कर काटने पर भी सम्मान निधि नहीं मिल सकी।
यहां कुल 54 प्रार्थनापत्र आए, इनमें से छह का मौके पर निस्तारण हो सका। डीएम ने तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास समिति के ऋण वितरण शिविर में दो लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति प्रमाणपत्र का वितरण किया। एआर कोऑपरेटिव ने बताया कि शिविर में सात लाख 95 हजार का ऋण वितरित किया गया है।
तुलसीपुर तहसील सभागार में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसमें अपर जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने समस्याएं सुनीं। यहां 36 प्रार्थनापत्र आए। इनमें से पांच का मौके पर निस्तारण किया गया। उतरौला तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आठ शिकायतें आईं।