बलरामपुर। अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम ने पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को 11 हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करने का आदेश दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि 12 जून 2018 को थाना तुलसीपुर में नरेंद्र कुमार ने केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी। वादी मुकदमा ने तहरीर के जरिए कहा था कि उसके पिता गुरु प्रसाद व मां ननका देवी खेत में घास काटने गए थे। पिता अकेले घर आए तो लोगों ने उनके कपड़े में खून लगा होने का कारण पूछा। गुरु प्रसाद ने चाची व दादी पर भी हंसिया से वार कर दिया। हम लोगों ने खेत में जाकर देखा तो मां का गला कटा हुआ था।
पुलिस ने मुकदमा लिखकर गुरु प्रसाद को जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने हत्या का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम जहेंद्र पाल सिंह ने गुरु प्रसाद को ननका की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 11 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।