बलरामपुर। जरवा क्षेत्र के चौहत्तर कला गांव में शनिवार सुबह बकरी चराने गई मां और बेटी पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इससे मां-बेटी घायल हो गईं। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कंपोजिट विद्यालय चौहत्तर कला की छात्रा नसीमा शनिवार सुबह अपनी मां नूरजहां के साथ बकरी चराने गांव से सटे फोहरा जंगल के किनारे गई थी। तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर आए तेंदुए ने नूरजहां पर हमला कर दिया। नूरजहां का हाथ तेंदुए के मुंह में देखकर नसीमा ने डंडे से मारा। इस पर तेंदुए ने नसीमा पर हमला कर दिया। दोनों के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने हांका लगाया तो तेंदुआ जंगल में भाग गया।
घायल नूरजहां व नसीमा को तुलसीपुर के निजी अस्पताल पहुंचाया गया। नसीमा को तो मामूली चोट आई मगर नूरजहां के हाथ की हड्डी टूट गई है। कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्दुल कय्यूम मंसूरी ने बताया कि दोनों का इलाज कराया जा रहा है। नूरजहां का पति काफी समय से बीमार है। परिवार का पालन-पोषण नूरजहां ही करती है।
ग्राम चौहत्तर कला निवासी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि बीती रात तेंदुए ने गांव में घूम रहे कुत्तों पर हमला किया था। एक कुत्ते को तेंदुआ उठा ले गया जबकि एक अन्य कुत्ता घायल है। अब्दुल कयूम, अब्दुल हसन, ध्रुव प्रसाद व दीपक ने बताया कि तीन दिन से तेंदुआ गांव में दिखाई दे रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। इन लोगों ने तेंदुुए को पकड़वाने की मांग डीएफओ से की है।
तुलसीपुर रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि तेंदुए के हमले की सूचना मिली है। वन विभाग की टीम फोहरा जंगल पहुंच गई है। तेंदुए की तलाश की जा रही है।