ललिया (बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के अमवा समेत कई गांवों में बीते एक सप्ताह से बंदर ने 20 लोगों को काटकर घायल कर दिया है। कुछ घायलों का इलाज निजी क्लीनिक में तो कुछ का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा में चल रहा है। बंदर की दहशत से बच्चे स्कूल और किसान अपने खेत की रखवाली करने नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बंदर को पकड़वाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
ग्रामीणों ने बताया कि बंदर का आतंक अमवा, शिवपुरा, टिटहरिया, इटवा आदि गांव में है। बीते एक सप्ताह के अंदर अमवा गांव निवासी चिंताराम, मंशाराम, तितर, इसराइल, मनीराम, छोटकऊ, ननके, मझिले आदि को बंदर ने नोच कर घायल कर दिया। घायल मंशाराम के दाहिने हाथ और पंजे में गहरा जख्म था। सीएससी शिवपुरा में चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज करके जिला मेमोरियल चिकित्सालय बलरामपुर के लिए रेफर कर दिया, जहां इलाज चल रहा है। ग्राम प्रधान मीनू देवी ने बंदर के डर से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, किसान खेत की रखवाली करने नहीं जा पा रहे हैं। वन विभाग से शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
पूर्व ब्लाॅक प्रमुख ओमप्रकाश शुक्ल ने बताया कि वन विभाग व जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण संदीप कुमार, रामसिंह, राजमणि, राधेश्याम, अमृतलाल, संतराम, विनोद, रिजवान छोटकऊ, ननकने, सहजराम आदि ने बताया कि जिला प्रशासन बंदर को पकड़वाने की पहल नहीं करता है, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस संबंध में बनकटवा रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी शत्रोहन लाल ने बताया कि जंगल से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में वन विभाग से बंदर पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए ग्राम प्रधान अपने स्तर से बंदर को पकड़वा सकते हैं।