गोंडा। मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक सामान्य भाजपा कार्यकर्ता की तरह गोंडा और कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र में महासंपर्क अभियान के दौरान खूब पसीना बहाया था। इस साल बीती दस जून को उन्होंने गोंडा का दौरा भी किया था। साथ ही लोकसभा क्षेत्र में कैसरगंज क्षेत्र के महासंपर्क अभियान के प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अनुशासन और शालीनता का पाठ भी पढ़ाया था।
इस दौरान उनके साथ रहे शहर के भाजपा कार्यकर्ता मनीष द्विवेदी को यकीन ही नहीं हो रहा कि उनके साथ मतदाताओं के घर घर जाकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने वाले मोहन यादव अब एमपी के सीएम बन गए हैं। इसी साल 2023 में जनवरी से लेकर जुलाई के बीच भारतीय ओलंपिक महासंघ के भीतर चल रहे आंतरिक घमासान के बीच एमपी की स्टेट कमेटी ने खुलकर कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह की तरफदारी और पैरोकारी भी की थी। तत्कालीन समय में एमपी के उच्च शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव दस जून से गोंडा के खास मेहमान भी बने थे। उनके साथ पूर्व सांसद अजय टम्टा भी थे। मौका था, भारतीय जनता पार्टी के महासंपर्क अभियान का। मोहन यादव को कैसरगंज और अजय टम्टा को गोंडा लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व की ओर से मिली थी।
इस दौरान उन्होंने कुश्ती महासंघ के विवाद को कौरवों और पांडवों के धर्मयुद्ध की संज्ञा देते हुए इसके पीछे कांग्रेसी साजिश होने और भाजपाइयों के फेडरेशन पर काबिज होने का दावा भी किया था।
- भाजपा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप के अनुसार पार्टी के इस फैसले के दूरगामी परिणाम होंगे। आगामी लोकसभा के आम चुनाव में यूपी, हरियाणा और बिहार के पिछड़े वर्ग के लोगों खासकर यादव बाहुल्य इलाकों में इसका विशेष लाभ मिलेगा। अब तक इस वर्ग पर अपना प्रभाव जताने वाली समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल को भाजपा नेतृत्व के इस फैसले से झटका भी लगा है। मोहन यादव निम्न मध्यम परिवार से जुड़े एक सामान्य कार्यकर्ता रहे हैं, जिन्हें पार्टी ने एमपी की बागडोर थमाई है।
कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मोहन यादव की ताजपोशी पर खुशी जताई है। कहा कि हमारे लिए भी यह गौरव की बात है कि कुश्ती के पहलवान को सीएम की कुर्सी पर भाजपा ने बिठाया है। हम लोगों ने डब्ल्यूएफआई में एक साथ काम किया है। वह बहुत मेहनती और अनुशासित कार्यकर्ता हैं। चुनाव के दौरान गोंडा से कई भाजपाई कार्यकर्ता व नेता भी उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करने उज्जैन भी गए थे।