बलरामपुर। गैसड़ी ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप होने पर बीडीओ को कड़ी चेतावनी दी गई है। पांच ब्लॉकों के बीडीओ को भी लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया गया है। जिले की 800 ग्राम पंचायतों में 31 जुलाई तक निर्धारित लक्ष्य से 126.67 प्रतिशत अधिक कार्य हुआ है। सीडीओ अमनदीप डुली ने डीसी मनरेगा महेन्द्र देव पांडेय के साथ गुरुवार को विकास भवन दफ्तर में बैठक कर गैर राज्यों व जनपदों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सीडीओ ने जिले के सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ, एडीओ पंचायतों, ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया है कि गैर राज्यों व जनपदों से आने वाले बेरोजगार श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराएं जिससे उन्हें भुखमरी का शिकार न होना पड़े। डीसी मनरेगा ने बताया कि गुरुवार को गैसड़ी ब्लॉक की 18 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप रहा है। इसी तरह से सदर में पांच, पचपेड़वा में 9, रेहरा बाजार में दो, हरैया सतघरवा में तीन और तुलसीपुर की पांच ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य ठप रहा है।
सीडीओ ने गैसड़ी बीडीओ सुमित कुमार सिंह को कड़ी चेतावनी दी और पांच ब्लॉकों के बीडीओ को शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य कराने का निर्देश दिया है। सदर में 116 में 111, गैसड़ी में 115 में 97, हरैया सतघरवा में 110 में 107, पचपेड़वा में 101 में 92, रेहरा बाजार में 81 में 79, तुलसीपुर में 100 में 95 और गेड़ास बुजुर्ग में 42 में 42, श्रीदत्तगंज में 70 में 70 व उतरौला में 65 में 65 ग्राम पंचायतों में 1701 स्थलों पर 60,289 श्रमिकों ने मनरेगा कार्य किया है।
जिले में 800 की तुलना में 758 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य हुआ जबकि 42 में कार्य ठप रहा। शासन ने जिले में 31 जुलाई तक 17,19,013 की तुलना में नौ जुलाई तक 126.67 प्रतिशत के साथ 21,77,398 मानव दिवस का सृजन पूरा कर लिया है। जिले में गुरुवार को एक दिन में 80,238 मानव दिवस सृजित किया गया है। सभी श्रमिकों को नियमित रूप से मजदूरी का भुगतान उनके बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से किया जा रहा है। जिले में गैर राज्यों व जनपदों से आने वाले 30 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिया गया है।