बलरामपुर। सूरज की तपिश ने सोमवार को लोगों को खूब परेशान किया। दोपहर में तपिश इतनी तेज थी कि सड़कों पर सन्नाटा छा गया। मौसम को देखते हुए आपदा विभाग ने एडवायजरी जारी की है। इसमें लोगों को सेहत के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।
सुबह से ही लोग सूरज की तपिश से परेशान हो गए। दोपहर होते-होते इसमें इस कदर इजाफा हो गया कि सड़कों पर सन्नाटा छा गया। पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दहकते सूरज की गर्मी से हवा भी काफी गर्म हो गई। दफ्तरों में काम करने वाले लोग भी गर्मी से परेशान हो गए। वीर विनय चौराहा, सरकारी व प्राइवेट बस स्टेशनों सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था न होने से लोग परेशान दिखे।
इधर, अपर जिलाधिकारी व प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा प्रदीप कुमार ने बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो तीन दिन अधिक तापमान रहने की संभावना है। ऐसे में गर्म हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एलुमिनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर, जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आतीं हैं, काले परदे लगाकर रखना चाहिए।
इनका करें सेवन
आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि दोपहर के समय यदि बहुत आवश्यक हो तभी घर से धूप में बाहर निकलें अन्यथा धूप में जाने से बचें और यदि जाना ही पड़े तो सिर को जरूर ढकें। घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नीबू पानी या आम का पना इत्यादि का प्रयोग करें।
कब लगती है लू
उतरौला के चिकित्साधिकारी डॉ. विनय गुप्ता कहते हैं कि गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगते हैं। शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, मोटापा, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी,व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं।