बलरामपुर। बेसिक के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी पकड़े गए फर्जी शिक्षकों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। अब तक 15 में से चार पर मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। वहीं, लोकतंत्र सेनानी चौधरी इरशाद अहमद ने कार्रवाई में हो रही लेटलतीफी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है।
जिले के माध्यमिक विद्यालयों में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के फर्जी समायोजन आदेश से नियुक्ति हासिल करने वाले 15 शिक्षक पकड़ में आए हैं। इसमें से एमपीपी इंटर कॉलेज के दो व बसंतलाल इंका तुलसीपुर के दो फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसकी जांच पुलिस कर रही है।
शेष बचे 11 को लेकर अभी तक प्रबंधक व प्रधानाचार्य चुप्पी साधे हुए हैं। इस पर डीआईओएस गोविंद राम ने संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को अब तक की स्थिति से अवगत कराने को कहा है।
ताकि जुलाई में स्कूलों का बदला रहे स्वरूप
ग्रीष्मकालीन अवकाश में स्कूलों की छवि बेहतर बनाने की योजना है। ताकि जुलाई में जब स्कूल खुले तो वहां का स्वरूप बदला बदला नजर आए। शैक्षिक व्यवस्था से लेकर परिवेश तक में बदलाव दिखे। बीएसए कल्पना देवी ने बताया कि स्कूलों की छवि को बेहतर बनाने की मुहिम चल रही है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षकों की वरिष्ठता सूची
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में 3240 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी कर दी गई है। इसे पोर्टल पर अपडेट किया गया है। अभी शिक्षक इस सूची का मिलान करने में लगे हुए हैं। वैसे अभी तक पदोन्नति की गाइड लाइन को लेकर उलझन बनी हुई है।