बलरामपुर। करीब दो वर्ष से स्कूल बंद होने के कारण निजी स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। स्कूल बंद होने से बच्चों की बुनियादी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। स्कूलों से जुड़े शिक्षक, प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
यह बातें बीते दिन उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक/प्रधानाचार्य वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डा. एमपी तिवारी ने देवीपाटन मंदिर महंत मिथलेश नाथ योगी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 8 सूत्री ज्ञापन सौंपते हुए कही। ज्ञापन में मांग किया गया है कि निजी विद्यालयों को जन सूचना अधिकार अधिनियम से बाहर रखा जाए।
बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूलों को तत्काल संचालित कराने का आदेश जारी किया जाए। महामारी के दौरान बंद पड़े स्कूलों को बिजली का बिल, रोड टैक्स व भवन किराया आदि माफ किया जाए।
वाहनों के ऋण में सहूलियत दी जाए। कर्मचारी भविष्य निधि फंड में जमा होने वाले मैनेजमेंट शेयर को जमा करने में सहूलियत दी जाए। स्कूलों को विद्युत बिल पर लगने वाले सभी चार्ज एवं लेट फीस से मुक्त किया जाए।
ज्ञापन में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 28 जुलाई तक समस्याओं का समाधान न हुआ तो एसोसिएशन धरना प्रदर्शन एवं क्रमिक अनशन करने को विवश होगा।