फोटो-7-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते डीएम डॉ. महेंद्र कुमार व अन्?
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। सभी ब्लॉकों में अधिक से अधिक किसानों को कृषि उत्पादन संगठन से जोड़ा जाए। कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग कृषि उत्पादन संगठन के माध्यम से किया जाए ताकि किसानों को फसल का अच्छा मूल्य मिल सके। थारू जनजाति वाले क्षेत्र में बकरी व कुक्कुट पालन के लिए लोगों को जागरूक करते हुए उनका आर्थिक सशक्तीकरण किया जाए। जिले में मशरूम एवं लेमन ग्रास की खेती की अपार संभावना है ऐसे में किसानों के साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसकी खेती के लिए प्रेरित किया जाए।
यह बातें जिलाधिकारी डा. महेंद्र कुमार ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि उत्पादन संगठन के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कही। कहा कि कृषि उत्पादन संगठन जिले के कृषि उत्पादों का बेहतर तरीके से प्रोसेसिंग एवं ब्रांडिंग करे इसके लिए उनको हर प्रकार की मदद दी जाएगी। डीएम ने दुग्ध विकास समिति को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कलेक्शन प्वाइंट बनाए जाने का निर्देश भी दिया। उप निदेशक कृषि प्रभाकर सिंह ने बताया कि छोटे, सीमांत और भूमिहीन किसानों को उनके उत्पादन का अच्छा मूल्य मिल सके इसके लिए कृषि उत्पादन संगठन का गठन किया जाता है। इस संगठन द्वारा कृषि से जुड़ी व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। कंपनी एक्ट में पंजीकृत कृषि उत्पादन संगठन को खाद, बीज, कीटनाशक एवं कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होता है।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 14 कृषि उत्पादन संगठन पंजीकृत है जिनके द्वारा कृषि व्यवसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। बैठक में एडीएम राम अभिलाष, सीएमओ डा. सुशील कुमार, डीडीओ गिरीश चंद्र पाठक, उपायुक्त स्वत: रोजगार सूबेदार सिंह, पीडी चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी आरपी राणा एवं जिला पंचायत राज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह सहित सभी कृषि उत्पादन संगठन के सीईओ मौजूद रहे।