श्रीदत्तगंज। क्षेत्र के पटियाला ग्रिंट मजरा सरहसवा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हैंडपंप मिस्त्री और दो मजदूर करंट से झुलस गए। मिस्त्री की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं दोनों मजदूर घायल हैं। प्रभारी निरीक्षक अविरल शुक्ल ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
गांव के मोहम्मद रफीक के जमीन पर हैंडपंप की बोरिंग करते समय हादसा हुआ। मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे हैंडपंप के मिस्त्री छिटई प्रसाद बोरिंग में 20 फीट लंबी लोहे की पाइप डाल रहे थे। मौके पर बोरिंग के ठीक ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी। जैसे ही मजदूरों ने पाइप ऊपर उठाकर बोरिंग में डालना शुरू किया, लोहे की पाइप अचानक हाईटेंशन लाइन से छू गई।
लोहे की पाइप में करंट उतर आया और छिटाई प्रसाद, सैयदुर्रहमान और निब्बर तीनों एक झटके में उसकी चपेट में आ गए। तीनों को आनन-फानन में उतरौला के एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उतरौला क्षेत्र के ग्राम बनगवां मजरा नई बस्ती निवासी छिटाई प्रसाद (61) को मृत घोषित कर दिया।
क्षेत्र के मुजहना गांव निवासी मजदूर सैयदुर्रहमान और निब्बर का इलाज हो रहा है। डॉ. एहसान खान ने बताया कि दाेनों मजदूर खतरे से बाहर हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। उधर, अस्पताल में शव देखते ही परिजन रो-रो कर बेहाल हो गए। मृतक छिटाई क्षेत्र में एक कुशल बोरिंग मिस्त्री के रूप में जाने जाते थे और कई वर्षों से यह काम कर रहे थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, अप्रैल में होनी है बेटे की शादी
छिटाई प्रसाद अपने पीछे बड़ा परिवार छोड़ गए। उनके दो बेटे, मनीष और रजनीश हैं। छह बेटियां, जिनमें से पांच की शादी हो चुकी है। परिजनों के अनुसार, बड़े बेटे मनीष का विवाह कुछ ही दिन पहले ही तय हुआ था और अप्रैल 2026 में उसकी शादी तय थी। खुशी का माहौल कुछ ही दिनों में मातम में बदल गया। पत्नी तथा बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लाइन के नीचे काम होना बड़ी लापरवाही
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर सवाल उठाए कि बस्ती के बीचोंबीच हाईटेंशन लाइन बेहद नीचे से गुजरती है, जबकि कई बार इसकी शिकायत की गई थी। गांव के रज्जन ने कहा कि हाईटेंशन लाइन थोड़ी ऊंची होती या विभाग समय से कार्रवाई कर देता तो आज एक परिवार उजड़ने से बच जाता।