बलरामपुर। कोरोना से बंद पड़े बाजार करवा आते ही गुलजार हो गए। करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। करवा, लइया-गट्टा व सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर खरीददारी के लिए महिलाओं की भीड़ जुटने लगी है। आभूषण की दुकानों पर भी रौनक बढ़ने लगी है।
हिंदू धर्म में करवा चौथ पर्व का विशेष महत्व माना गया है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। इस दिन करवा की पूजा अर्चना भी की जाती है। चार नवंबर को होने वाले करवा चौथ के लिए बंद पड़े बाजार गुलजार हो गए हैं।
बाजार में जगह-जगह करवा और लइया-गट्टा की दुकानें सज गई हैं। करवा और लइया-गट्टा खरीदने के लिए भारी भीड़ जुट रही है। अखंड सुहाग का प्रतीक बिंदी, सिंदूर, चूड़ी, कंगन व सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुुएं खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ भी दुकानों पर दिखने लगी हैं। आभूषण की दुकानें भी करवा आते ही गुलजार हो गई हैं।
आभूषण की दुकानों पर सबसे अधिक खरीददारी पायल, बिछुआ, कंगन व मांग टीका की हो रही है। दुकानदार राजू गुप्ता, नंदलाल व दिलीप आदि का कहना है कि कोरोना के चलते पिछले करीब छह महीने से बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए एक-दो लोग ही दुकान पर आ रहे थे। अब करवा चौथ के साथ धनतेरस व दीपावली का त्योहार आने वाला है इसलिए बाजार में रौनक बढ़ने लगी है।