बलरामपुर के कंपोजिट विद्यालय बरदगही में भरा बाढ़ का पानी।
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के चलते महराजगंज तराई व ललिया थाना क्षेत्र के कई गांव दूसरे दिन भी पानी से घिर रहे। परिषदीय विद्यालयों में पानी भर जाने के कारण सोमवार को विद्यालय नहीं खुले। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। बाढ़ के पानी से घिरे होने के कारण ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के कचनी नाले में आई बाढ़ के कारण बरगदही, साखीरेत, चिकनौटा, सुखदेवपुरवा, हिम्मतपुरवा, चंदनजोत, बुड़ंतापुर व अम्मरनगर आदि गांव में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा। ग्रामीणों को गांव से निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मंगलदेव सिंह, केसरी सिंह, भगतराम, संतोष, पिंटू व कल्लू आदि ने बताया कि गांव में पानी भरने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन की तरफ से अभी तक बाढ़ पीड़ितों के लिए कोई मदद नहीं पहुंचाई गई है।
ललिया थाना क्षेत्र के पहाड़ी नाला हेंगहा व गौरिया पहाड़ी नाले में बाढ़ आने से बलदेवनगर, खवासपुरवा व लौकहवा आदि गांव पानी से भरे हुए हैं। इससे सबसे अधिक समस्या मवेशियों के लिए चारा-पानी की है। भूसा भीगकर गीला हो गया है और खेतों में पानी भरने के कारण मवेशियों के लिए हरा चारा भी नहीं मिल पा रहा है।
विद्यालय रहे बंद
पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के चलते महराजगंज तराई व ललिया क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। प्राथमिक विद्यालय चंदनजोत, पूर्व माध्यमिक विद्यालय साखीरेत व कंपोजिट विद्यालय बरगदही गांव विद्यालय में पानी भरने के कारण सोमवार को विद्यालय बंद रहे। विद्यालय बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हुई। तहसीलदार तुलसीपुर परमेश कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल को भेजकर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पीड़ितों को हरसंभव मदद पहुंचाई जाएगी। क्षेत्रीय लेखपाल को गांवों में भेजकर क्षति का आंकलन कराया जाएगा।