बलरामपुर। राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ से जिले की तीनों तहसीलों में करीब 350 गांवों में तबाही मचती है। राप्ती की कटान की विभीषिका भी करीब 36 गांवों में कहर बनकर टूटती है। ऐसे हालात से निपटने के लिए सभी तैयारी पहले से पूरी कर ली जाएं। बाढ़ के समय हालात गड़बड़ होने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में बरसात शुरू होने से पहले ही बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्रों में सभी कार्य पूरा कर लिए जाएं। ये निर्देश डीएम श्रुति ने कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को बाढ़ से निपटने वाली जिला स्तरीय स्टेयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
बैठक में डीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिया कि तहसील स्तर पर बाढ़ संबंधी बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करें। राजस्व, बाढ़ प्रखंड व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करके पूरी रिपोर्ट तैयार कर लें। बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार करा लें, जिससे राहत कार्य पहुंचाने में कोई दिक्कत न हो। अधिशाषी अभियंता ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए 11 बिंदुओं पर तैयारी की जा रही है। बाढ़ चौकियों को ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर तैयार कराया जाए, जहां आवागमन की बेहतर सुविधा हो, ताकि राहत व बचाव कार्य में कोई दिक्कत न हो। किट व अन्य संसाधनों के लिए समय से टेंडर करा लें।
डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह को नालों का सत्यापन कराने, बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में सफाईकर्मियों की तैनाती करने, कैंपों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने, नावों व नाविकों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया कि बाढ़ प्रभावित सभी सीएचसी व पीएचसी पर दवाओं के साथ ही मेडिकल टीम की व्यवस्था की जाए। सर्पदंश व रैबीज से बचाव वाली दवाओं का पर्याप्त इंतजाम कराया जाए। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को पशुओं का सर्वे करके शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने और टेंडर कराकर भूसे का इंतजाम करने का निर्देश दिया।
आपूर्ति विभाग को आपदा के दौरान दिए जाने वाले सामानों की व्यवस्था और पीडब्ल्यूडी को बदहाल सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया। एडीएम राम अभिलाष ने निर्देश दिया कि कटान वाले गांवों का नक्शा और वहां के घरों का क्रमवार विवरण तैयार किया जाए। बैठक में सदर एसडीएम राजेंद्र बहादुर, तुलसीपुर मंगलेश दुबे, सीओ सिटी राधारमण सिंह, जिला आपदा सलाहकार सचिन मदान, जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह, रामकुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।