बलरामपुर के डीपीआरसी सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में मौजूद महिला पंचायक सहायक।
बलरामपुर। कुपोषण से जंग लड़ने में महिला पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गांवों में गर्भवती व धात्री महिलाओं की काउंसिलिंग कर पंचायत सहायक कुपोषण को दूर करेंगी। साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाएंगी।
जिला परियोजना प्रबंधक संदीप कश्यप ने बुधवार को विकास भवन के डीपीआरसी सभागार में चल रहे जिला स्तरीय टेली काउंसलर के अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मातृत्व एवं शिशु पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए इस बार महिला पंचायत सहायकों का सहयोग लिया जा रहा है। इससे गांवों में गर्भवती, धात्री महिला व नवजात को कुपोषण मुक्त किया जाएगा। प्रशिक्षक डॉ. अनुराग चतुर्वेदी, समरेश सेन गुप्ता व डॉ. शरद ने कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने, सैम बच्चों का साप्ताहिक जांच, पौष्टिक आहार देने, बच्चों के पोषण के लिए निगरानी करने सहित अन्य बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में शिवानी गिरि, कर्मा यादव, विंध्वासिनी व वंदिता सहित महिला पंचायत सहायक मौजूद रहीं।