बलरामपुर। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ के 53वीं तथा महंत अवैद्यनाथ की आठवीं पुण्यतिथि पर आदिशक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में सात दिवसीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इसके अंतिम दिन बुधवार को महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्यनाथ के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, सदर विधायक पल्टूराम, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी व विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. डीपी सिंह ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्य नाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप जला कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ एवं महंत अवैद्य नाथ श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के नायक थे। नाथ संप्रदाय ने हमेशा आदिवासियों तथा वनवासियों के उत्थान के लिए कार्य किया। हिंदू समाज को संगठित करने में इन मनीषियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
सदर विधायक पल्टूराम ने कहा कि नाथ संप्रदाय ने देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में हिंदुत्व तथा सनातन परंपरा की अलख जगाई। महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्य नाथ सही मायने में संत थे। इन लोगों ने सनातन परंपरा को जीवंत रखने के लिए जीवन के अंतिम क्षणों तक संघर्ष किया। हिंदुत्व की रक्षा तथा श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में इनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि नाथ संप्रदाय द्वारा हिंदुत्व की रक्षा के साथ ही हिंदू समाज को संगठित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है। केवल मंदिरों का संचालन ही नहीं बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी नाथ संप्रदाय का उल्लेखनीय योगदान है।
एमएलके महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. राजीव रंजन, डॉ. एसएन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी, धीरेंद्र प्रताप सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह गुड्डू ने भी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ और महंत अवैद्य नाथ के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. डीपी सिंह समेत सभी शिक्षक और तमाम विद्यार्थी मौजूद रहे।