फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाकुंभ : घर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर आई मुस्कान

विज्ञापन
 बलरामपुर के बरदौलिया गांव में शोकाकुल परिवारजन। संवाद
विज्ञापन
हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। प्रयागराज महाकुंभ में हादसे के बाद दहशत में आए श्रद्धालु घर वापसी पर अपना दर्द भूल गए हैं। अपनों के बीच उनके चेहरे पर मुस्कान दिखी। श्रद्धालुओं ने बताया कि घटना के बाद प्रयागराज महाकुंभ से लौटने में 15 से 20 घंटे तक लग गए। रास्ते में उन्हें तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
विज्ञापन

हरैया सतघरवा ब्लॉक की बरदौलिया निवासी शांति देवी ने बताया कि वह 27 जनवरी को कुंभ मेले में अमृत स्नान के लिए गई थीं। स्नान करने के बाद हादसे में वह अपनों से बिछड़ गईं। उस समय ऐसा लग रहा था, कि अब जीवित अवस्था में अपने घर नहीं पहुंच पाएंगी। मालती देवी ने बताया की 15 घंटे पैदल बिना कुछ खाए पिए चलती रहीं। जिसके बाद जिस बस से वह गई थीं, वहां तक पहुंच पाईं। साथ में जाने वाले अन्य श्रद्धालुओं के न मिलने के कारण मालती देवी बस में ही बैठी रहीं। बिट्टा ने बताया कि कुंभ मेले में तमाम ऐसे लोग थे जिन्होंने धक्का मुक्की कर लोगों को गिरा दिया। ऐसा लग रहा था कि अब कुंभ मेले से घर पहुंचना असंभव है।
बिट्टा ने बताया कि उनके साथ गईं विमला देवी अभी भी घर तक नहीं पहुंची हैं। सूचना मिला है कि अयोध्या में हैं, जिन्हें लाने के लिए उनके परिजन घर से अयोध्या गए हुए हैं। महिलाओं ने बताया कि नाक और कान में जो जेवर पहने थे सब मेले में गिर गए। वस्त्र व कंबल वहीं गायब हो गया। जैसे तैसे हम लोग बस तक पहुंचे, इसके बाद लंबे जाम के कारण बस जल्दी नहीं निकल पा रही थी। ज्यादातर के पास मोबाइल नहीं था। जिनके पास था, वह भी स्विच ऑफ हो गया था। घर पर पहुंचने के बाद चैन की सास ली।
विज्ञापन

ऊषा घर पहुंचीं, बंगवा गांव की विमला अभी लापता
महदेइया बाजार(बलरामपुर)। श्रीदत्तगंज ब्लॉक के बंगवा गांव की दो महिलाएं महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के लिए गई थीं, जो लापता हो गई थीं। इनमें एक महिला शुक्रवार देर रात्रि घर पहुंच गईं, जबकि एक लापता है। बंगवा निवासी शोभाराम ने बताया कि उनकी पत्नी उषा देवी (63) व गांव की विमला देवी (70) 15 लोगों के साथ सोमवार को प्रयागराज गई थीं। मेले में हादसे के दौरान दोनों बिछड़ गईं। बहुत खोजबीन करने पर भी कोई पता नहीं चला। शुक्रवार देर रात ऊषा जब घर पहुंचीं तो परिजन देखकर बहुत खुश हुए। ऊषा बताती हैं कि मेले में वो बिछड़ गईं थी। ढूंढ़ते हुए मेला परिसर से लगभग 10 किमी तक बाहर चली गईं लेकिन वह नहीं मिलीं। थक हार कर घर वापस आने के लिए सामने से गोरखपुर की बस आते देखा उसी से गोरखपुर पहुंच गई, वहां अयोध्या की बस लगी थी उसके सहारे अयोध्या और फिर वहां से गोंडा होते हुए घर पहुंचीं।

गोखरपुर में मिले छोटेलाल, घर के लोग निहाल
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। महाकुंभ मेले में गुम हुए परिजनों के मिलने पर राहत मिल गई है। केवलपुर बड़वा निवासी रामबक्स यादव ने बताया कि उनके पिता छोटेलाल जो महाकुंभ मेले में गुम हो गए थे, वह गोरखपुर में मिले हैं। परिजन घर से उनको लाने के लिए रवाना हो गए हैं। नंदनगर जुम्मनडीह निवासी वीर बहादुर यादव ने बताया कि मेरे पिता चंदराम (75) कुंभ मेले में खो गए थे। वह सकुशल घर पहुंच गए हैं। हादसे के दौरान उनका हल्की चोट आई है। एक निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें