तुलसीपुर (बलरामपुर)। कोई कहे गोविंद कोई गोपाला, मैं तो कहूं सांवरिया बांसुरिया वाला...भजन के साथ शनिवार को नई बाजार में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कथा व्यास दद्दन महराज ने किया। कथा व्यास ने शुक्रवार रात भगवान श्रीकृष्ण के नामकरण की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि भ्रमण करते हुए जब गंगाचार्य ऋषि नंद बाबा के घर पहुंचे तो सभी ने उनकी आरती उतार कर स्वागत किया। इसके बाद कन्हैया के नामकरण के लिए ऋषि से आग्रह किया गया। गंगाचार्य ऋषि स्नान ध्यान कर कन्हैया के नामकरण के लिए उपस्थित हुए। वहां मौजूद कोई कान्हा तो कोई गोविंदा कह रहा था, कोई घनश्याम तो कोई गोपाला के नाम से पुकार रहा था। सभी लोग ऋषि से नामकरण करने का आग्रह करते हैं तो ऋषि यशोदा के पुत्र का नाम कृष्ण व रोहड़ी के पुत्र का नाम बलराम रखते हैं। नामकरण होते ही पूरे गांव में लोग नृत्य कर बधाई गीत गाने लगते हैं।
कथा व्यास दद्दन महाराज ने पूतना, त्रिर्णावत और सक्तासुर के वध का विस्तृत प्रसंग भी सुनाया। इस अवसर पर आयोजक अनिल श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव व हर्षित श्रीवास्तव आदि ने भगवान कन्हैया की आरती उतारकर 56 भोग प्रसाद का वितरण किया।