बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट सुमित कुमार प्रेमी ने एक महिला से दुष्कर्म करने के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दो अन्य लोगों को अनुसूचित जाति की महिला को धमकी देने पर एक-एक वर्ष कैद से दंडित किया है।
थाना लालिया में एक महिला ने प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप लगाया था कि मनोज कुमार ने 25 अक्टूबर 2022 को जबरदस्ती दुष्कर्म किया और अनिल व अशोक ने धमकाया। मुकदमा थाने पर दर्ज नहीं हुआ तो महिला ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर मामला परिवाद में दर्ज हुआ। पीड़िता व गवाहों के बयान के आधार पर न्यायाधीश ने मनोज कुमार, अशोक कुमार व अनिल कुमार को तलब किया।
न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक एससीएसटी एक्ट विजय आर्या और रणधीर सिंह ने तीन गवाहों का बयान दर्ज कराया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने मनोज कुमार को एससीएसटी एक्ट व दुष्कर्म का दोषी करार देते आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 13 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। वहीं अशोक कुमार व अनिल कुमार को एससीएसटी एक्ट और जान से मारने की धमकी देने का दोषी करार देते हुए एक-एक वर्ष की कैद व तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।