बलरामपुर। अनुसूचित जाति की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने वाले एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश पाॅस्को एक्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को 20 हजार रुपए अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो एक्ट पवन कुमार शुक्ल ने बताया कि कोतवाली नगर के एक गांव निवासिनी महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनकी नाबालिग बेटी को गांव का ही हरिगोविंद 10 अगस्त 2017 को बहला फुसलाकर अपने घर ले गया और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। 10 वर्षीय बेटी ने आकर घटना के बारे में परिवारजनों को बताया।
लड़की का डॉक्टरी परीक्षण कराकर बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने नौ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को फर्जी फंसाए जाने की दलील दी। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने हरिगोविंद को नाबालिग अनुसूचित जाति की लड़की के साथ दुष्कर्म करने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।