गैसड़ी (बलरामपुर)। आतंक का पर्याय बना तेंदुआ हरैया सतघरवा व तुलसीपुर के बाद अब शनिवार को गैसड़ी थाना क्षेत्र के साथी गांव में दिखाई दिया है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। सूचना पर गांव पहुंची वन विभाग की टीम तेंदुआ की तलाश कर रही है। तमाम कोशिशों के बाद भी तेंदुआ एक्सपर्ट टीम की पकड़ से दूर बना है।
तेंदुआ अब तक चार बच्चों को अपना शिकार बना चुका है। बीते शुक्रवार को ही तेंदुए ने गैसड़ी थाना क्षेत्र के बनकटवा गांव में नाना के साथ शौच के लिए गए पांच वर्षीय रितेश को अपना चौथा शिकार बनाया था। इसके बाद शनिवार को भी तेंदुआ इसी थाना क्षेत्र के साथी गांव में देखा गया है। हलांकि यहां पर तेंदुए ने किसी पर हमला नहीं किया। ग्रामवासी कमर खान, मुर्तजा व राधेश्याम आदि ने बताया कि गांव के निकट बरुनी नाले के पास तेंदुआ को विचरण करते देखा गया। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग की टीम को दी गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम गांव में पहुंचकर तेंदुआ की तलाश कर रही है।
वन विभाग की टीम ने शनिवार को तुलसीपुर थाना क्षेत्र के जंगल से सटे गांवों में पुलिस के साथ मिलकर जागरूकता अभियान भी चलाया। डीएफओ एम सेम्मारन ने बताया कि हरैया सतघरवा, तुलसीपुर व गैसड़ी थाना क्षेत्र में बच्चों का शिकार करने वाले तेंदुआ को पकड़ने के लिए दुधवा नेशनल पार्क व जौनपुर की एक्सपर्ट टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है। गांवों में पिंजरा, जाल व सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ ही बेलवा गांव में भी सर्च लाइट लगा दी गई है। भरोसा जताया कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।