फोटो-14- बलरामपुर के बनकटवा गांव में लगाया गया खाली पिंजरा। संवाद
महराजगंज तराई। बनकटवा रेंज क्षेत्र के बनकटवा गांव में पिछले एक सप्ताह से तेंदुए की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि शाम ढलते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं और खेत-खलिहानों की ओर जाना भी बंद कर दिया है।
शुक्रवार को तेंदुए के हमले में दो लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद गांव में डर और बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ लगातार गांव के आसपास घूमता दिखाई दे रहा है, लेकिन सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, वन विभाग की टीम ने गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगा दिया, लेकिन उसमें शिकार (चारा) नहीं बांधा गया। इससे पिंजरा बेकार साबित हो रहा है और तेंदुए के पकड़ में आने की संभावना भी कम हो गई है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वे इसे केवल खानापूर्ति बता रहे हैं। गांव के पवन मिश्रा, दिनेश, उमर, रामू और रामबक्स सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग तेंदुए के मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि केवल सतर्क रहने की सलाह देकर विभाग अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है, जबकि गांव में लगातार खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है, ताकि गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो सके। रेंजर शत्रोहन लाल ने बताया कि गांव में रविवार रात पिंजरा लगाया गया है और जल्द ही उसमें शिकार बांधकर तेंदुए को पकड़ने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक भय का माहौल बना रहेगा और जनजीवन प्रभावित रहेगा।