बलरामपुर। पांच शावकों के साथ मादा तेंदुआ दो दिन से गन्ने के खेत में डेरा डाले है। इससे आसपास के दस गांवों में कई दिनों से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम को मादा तेेंदुआ व उसके शावकों को पकड़कर जंगल में छोड़ने में अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। हालांकि वन विभाग की तरफ से इन्हें पकड़ने का प्रयास जारी है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के जनकपुर रेंज से जुड़े ग्राम पंचायत पिपरा दुर्गानगर के मजरा प्रतापपुर के समीप लैबुड़वा भोजपुर नाले के किनारे गन्ने के खेत में मादा तेंदुआ अपने पांच शावकों के साथ दो दिन से डटी हुई है। दुर्गानगर गांव के पास दो दिन पहले ग्रामीणों ने पांच शावकों के साथ मादा तेंदुआ को देखा तो उसे जंगल की तरफ खदेड़ने का प्रयास किया। मगर मादा तेंदुआ शावकों के साथ विनय मिश्र के खेत में छिप गई।
ग्रामीण रामदीन वर्मा, विनय मिश्र व बबलू आदि ने बताया कि लैबुड़वा गांव में एक बकरी व मेहंदिया में गाय के एक बछड़े को तेंदुए ने हमला करके घायल किया है। लैबुड़वा, भोजपुर, मेहंदिया, पिपरा, प्रतापपुर, छपिया, सुखरामपुर, लौकीखुर्द, पिपरी व संग्रामपुर सहित क्षेत्र के 10 गांवों में मादा तेंदुए को लेकर दहशत है। ग्रामीणों ने मामले की सूचना जनकपुर रेंज को दी। रेंज के वन दरोगा तरंग तिवारी व वन रक्षक अमित सारस्वत को मौके पर भेजा गया है। डीएफओ प्रखर गुप्ता व एसडीओ अजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि शावकों के साथ मादा तेंदुए को पकड़कर जंगल में छोड़ा जाएगा। तेंदुए के पकड़े जाने तक ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।