हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। तेंदुए ने सोते मासूम पर हमला कर दिया। मच्छरदानी लगी होने के कारण मासूम बाल-बाल बच गया। परिजनों व ग्रामीणों ने तेंदुए को जंगल की तरफ टार्च की रोशनी जलाकर भगा दिया। बनकटवा रेंज के बिनुहनी खुर्द गांव में रात के समय घटना हुई है। बार-बार तेंदुए के हमले को लेकर जंगल किनारे बसे ग्रामीणों में दहशत के साथ-साथ आक्रोश भी व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों से जंगली जानवरों के हमलों से सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई है।
हरैया थाना व बनकटवा रेंज के बिनुहनी खर्द निवासी राम उदित यादव ने शुक्रवार को बताया कि रात करीब साढ़े 9 बजे उनका पांच वर्षीय बेटा सुनील अपने दादा नकछेद के साथ चारपाई पर लेटा हुआ था। चारपाई पर मच्छरदानी लगी हुई थी। अचानक तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया। चारपाई पर लगा मच्छरदानी का डंडा गिर गया और बच्चा जमीन पर चारपाई के नीचे आ गया। दादा व परिवारीजनों ने शोर मचाना शुरू किया। मौके पर टार्च लेकर ग्रामीण भी पहुंच गए। टार्च की रोशनी पड़ते ही तेंदुआ भागने लगा। ग्रामीणों ने तेंदुए को जंगल की तरफ से खदेड़ दिया। प्रधान प्रतिनिधि मोहर्रम अली ने बताया कि तीन माह पहले गांव के मासूम अफसर अली (13) को भी तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था।
पड़ोसी गांव कटकुईयां में भी एक सप्ताह पूर्व तेंदुए ने विजय कुमार यादव के बेटे कमलेश (4) को भी अपना शिकार बना चुका है। जनकदुलारी, बड़कऊ आदि ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि एक तरफ से जंगल के किनारे बसे ग्रामीण दहशत में जिंदगी काट रहे है। वहीं दूसरी तरफ शासन-प्रशासन की तरफ से कोई मदद भी नहीं की जा रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों से सुरक्षा की गुहार लगाई है। बनकटवा रेंजर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कटकुईयां गांव व जंगल के रास्ते में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया गया है। जंगल किनारे बसे ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग की टीम भी गश्त कर रही है।