हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के लखनीपुर गांव में बुधवार की शाम को अपने खेत में मसूर की फसल काट रहे चार किसानों पर पहले से घात लगाए तेंदुए ने हमलाकर घायल कर दिया है। चारों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जंगल के निकट बसे ग्रामीणों में तेंदुओं के हमलों को लेकर दहशत है। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएफओ ने रेंजर को मौके पर टीम भेजकर छानबीन कराने का निर्देश दिया है।
सोहेलवा वन क्षेत्र के बरहवा रेंज में हरैया थाना क्षेत्र के लखनीपुर गांव निवासी श्याम मनोहर मिश्र ने गुरुवार को बताया कि उनका पुत्र मनीष (18) गांव के पूरब मसूर के खेत में फसल काट रहा था। बगीचे में पहले से घात लगाए बैठे तेंदुए ने मनीष पर अचानक हमला कर दिया। मनीष के शोर मचाने पर अपने-अपने खेत में मसूर की फसल काटने वाले किसानों ने तेंदुए को खदेड़ने का प्रयास किया तभी तेंदुए ने किसान अजीत कुमार (24), संजय कुमार (28) व मोहित कुमार (20) पर भी हमला करके घायल कर दिया। हल्ला गुहार सुनकर लखनीपुर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए और तेंदुए को जंगल की तरफ खदेड़ दिया।
चारों घायलों को तत्काल इलाज के लिए सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया गया। सीएचसी के डाक्टर ने सभी का उपचार करके घर भेज दिया। घटना की सूचना पाकर मौके पर हरैया थाने के निरीक्षक कमलेश कुमार लाव-लस्कर के साथ पहुंचे और ग्रामीणों को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए निरीक्षक से शिकायत किया कि बीते चार मार्च को तेंदुए के हमले में घायल गांव के राहुल(24) को अभी तक वन विभाग की तरफ से कोई मदद नहीं दी गई है। सूचना के बाद भी वन विभाग की तरफ से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने मामले की सूचना डीएफओ को दी है। डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने बताया कि लखनीपुर गांव में बरहवा रेंजर राकेश कुमार सिंह को वन विभाग की टीम भेजकर जांच कराने का निर्देश दिया गया है। रेंजर ने वन विभाग की टीम गांव में भेजी है। पदचिह्न के आधार पर जंगली जानवर की पहचान की जाएगी। तेंदुए का पदचिह्न मिलने पर पिंजड़ा लगाया जाएगा। डीएफओ व रेंजर ने जंगल के निकट बसे जंगली जानवरों से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।