बलरामपुर। सोहेलवा क्षेत्र के बेलवा गांव में मौजूदगी के बाद भी तेंदुआ निगरानी टीम के हाथ नहीं लग पा रहा है। शनिवार को निगरानी टीम जालीदार ट्रैक्टर से गांव में तेंदुए के आने का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर के पीछे से आए तेंदुए ने घास चर रहे एक मवेशी पर हमला कर उसे अपने पंजे से घायल कर दिया। शोर मचाने पर तेंदुआ टीम को गच्चा देकर जंगल में भाग निकला।
इस घटना से तेंदुए को पकड़ने में जुटे विशेषज्ञ भी परेशान है। गांव में नाला किनारे खुले में बकरा व कुत्ता बांधकर तेंदुए को फंसाने के उनका तरीका भी कामयाब नहीं हो सका है। शनिवार की सुबह उसके पगचिन्ह मिले तो टीम भौचक्की हो गई। तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए बेलवा गांव को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डीएफओ डा. एम सेम्मारन के मुताविक 11 पिंजरे व 25 कैमरे लगे हैं। साथ ही थर्मल ड्रोन कैमरे की मदद तेंदुए का लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।
डीएफओ के निर्देश पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, वाइल्उ लाइफ विशेषज्ञ डा. आरके सिंह, डा. धीरेन्द्र, उप प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह लगातार बहदिनवा नाला के किनारे ट्रैक्टर में बैठे निगरानी कर रहे है। ट्रैक्टर के पीछे तेंदुआ होने की आशंका के बाद भी वह ट्रैंकुलाइज गन से उस पर निशान नहीं साध सके।