बलरामपुर। अधिवक्ताओं के आंदोलन का असर सरकारी राजस्व पर भी पड़ रहा है। जिले की सदर, उतरौला और तुलसीपुर तहसीलों में बैनामा कार्य ठप होने से जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह बंद है। इससे अब तक करीब तीन करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान हुआ है। उतरौला तहसील में एक महीने से अधिक समय से बैनामा नहीं हो रहा है।
वहीं, सदर और तुलसीपुर तहसील में भी रजिस्ट्री का काम बंद होने से जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया अटकी हुई है। विवाद का समाधान न होने से राजस्व प्राप्ति प्रभावित होने के साथ जमीन खरीदने और बेचने की तैयारी कर रहे लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नामांतरण प्रक्रिया में बदलाव, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के कार्यव्यवहार और वीर विनय चौक स्थित अधिवक्ता संघ भवन को गिराने के लिए जारी नोटिस के विरोध में अधिवक्ता 15 अक्तूबर से आंदोलन कर रहे हैं। मुख्यालय पर अधिवक्ताओं ने पूर्ण कार्य बहिष्कार कर रखा है। उतरौला में एक महीने से अधिक समय से अनशन जारी है, जबकि तुलसीपुर में भी अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। उतरौला में गैड़ास बुजुर्ग के शमीम अहमद ने बताया कि वह तीन दिनों से बैनामा कराने के लिए दौड़ रहे हैं, काम रुका है।
इसी तरह मधपुर के शंकर लाल गुप्त ने कहाकि उनकी एक जमीन का मामला है, तारीख लेकर लौट रहे हैं। सदर तहसील में हरैया सतघरवा के रमेश पांडेय, गौरा चौराहा के विपुल सिंह पहुंचे और एक बार फिर हड़ताल के चलते जमीन से जुड़े मामले में अगली तारीख लेकर लौट गए। विपुल ने कहाकि हड़ताल से काम प्रभावित है। तुलसीपुर में पचपेड़वा शिव कुमार दूबे ने कहा कि उनके एक अंश अलग करने का मामला विचाराधीन है, इसी तरह गैसड़ी के रामलाल जायसवाल, संजू देवी भी मुकदमें में तारीख लेकर मायूस होकर लौटे। हड़ताल से वादकारियों की समस्या बढ़ती जा रही है।
26 अक्तूबर को डीएम से होगी वार्ता
आंदोलन के बीच 26 अक्तूबर को दोपहर तीन बजे जिलाधिकारी और तीनों बार संघों के पदाधिकारियों के बीच वार्ता होगी। जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष मुर्तजा हुसैन, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन अध्यक्ष कमलेश्वर सिंह और जिला युवा बार एसोसिएशन अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि वार्ता के बाद अधिवक्ता बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे। शनिवार को हुई बैठक में सोमवार को भी पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया था। अधिवक्ताओं की मांगों पर सहमति बनने और कामकाज बहाल होने पर ही रजिस्ट्री समेत अन्य प्रभावित कार्यों के सामान्य होने का रास्ता साफ होगा। फिलहाल सभी की नजर सोमवार को होने वाली वार्ता पर टिकी है।
आशीष सिंह की संघ में वापसी का निर्णय
शनिवार को संघ भवन में हुई बैठक में पांच वर्ष के लिए निष्कासित किए गए आशीष सिंह को दोबारा संघ में शामिल करने का निर्णय लिया गया। बार संघ अध्यक्षों ने बताया कि 15 अक्तूबर की बैठक में आशुतोष ओझा और आशीष सिंह को पांच वर्ष के लिए निष्कासित किया गया था। आशीष सिंह ने शुक्रवार को प्रार्थना पत्र देकर संघ में वापस लेने का अनुरोध किया था। उनके प्रार्थना पत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उन्हें संघ में वापस लेने का निर्णय किया गया।
32वें दिन भी जारी रहा क्रमिक अनशन
उतरौला। तहसील में शनिवार को 32वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा। इस दौरान 40 अधिवक्ता अनशन पर बैठे। संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव, महामंत्री रविशंकर मिश्रा, मारूतिनंदन मिश्रा, महेश कश्यप, अमित श्रीवास्तव, मुहीब खां, रवि गुप्ता और अजीत यादव ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, तुलसीपुर में भी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया।
वकीलों का प्रदर्शन