बलरामपुर। हापुड़ की घटना से आक्रोशित पर अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी जूलूस निकालकर नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की समाप्ति पर अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों का मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी को सौंपा। दो घंटे तक अधिवक्ता न्यायालय परिसर में प्रदर्शन करने के बाद जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे।
डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर धरना दे रहे अधिवक्ताओं की छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डीएम अरविंद सिंह ने खुद धरना स्थल पर आकर प्राप्त किया। जिला बार संघ के महामंत्री अजय बहादुर सिंह व कलेक्ट्रेट बार संघ के महामंत्री कमलेश्वर सिंह ने बताया कि बार काउंसिल के आह्वान पर पांच सितंबर को न्यायालय परिसर में प्रदेश के डीजीपी व मुख्य सचिव का पुतला फूंका जाएगा। जिला युवा बार संघ अध्यक्ष अमित कुमार पांडेय व महामंत्री विवेक कुमार सिंह ने कहा कि बार संघ के निर्देशों का पालन करते हुए अधिवक्ता छह सितंबर तक न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए आंदोलन करेंगे। धरना प्रदर्शन में सत्यदेव तिवारी, शशांक त्रिपाठी, राजकुमार, अंशू श्रीवास्तव, केजी श्रीवास्तव, दुर्गेंद्र पाठक, अनिल शुक्ल, अलीमुल हक व कमल नयन मौर्य सहित बड़ी संख्या में वकील मौजूद रहे।
उतरौला बार संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिन्हा की अगुवाई में भी अधिवक्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन करते हुए पांच सूत्रीय मांगपत्र उप जिलाधिकारी उतरौला अवधेश कुमार को सौंपा। तुलसीपुर तहसील में भी बार संघ अध्यक्ष सुजीत प्रताप सिंह की अगुवाई में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं की हड़ताल से सत्र न्यायालय में न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित रहा। तुलसीपुर से परिवाद के मामले में न्याय की उम्मीद लेकर आईं मोनीना खातून काफी देर तक इंतजार करती रहीं। वकीलों के न्यायिक कार्य से विरक्त होने की जानकारी के बाद उसे सुनवाई की अगली तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा रामकुमार व मोहम्मद नफीस जमानत के मामले में आए थे, लेकिन मामले की सुनवाई न होने से उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।