बलरामपुर। साथियों पर मुकदमा दर्ज होने के विरोध में मंगलवार को वकीलों ने उतरौला तहसीलदार रामाश्रय की कोर्ट के सामने नारेबाजी कर विरोध जताया। साथ ही सात सदस्यीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिन्हा के नेतृत्व में वकीलों ने मंगलवार को तहसीलदार से मुलाकात की। विरोध दर्ज कराया कि पूरी सच्चाई जानने के बावजूद उन्होंने लेखपाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति पुलिस से क्यों की। वकीलों का कहना है कि शुक्रवार को किसी भी वकील ने आरोपी लेखपालों के खिलाफ कोई भी अमर्यादित आचरण नहीं किया। धमकी देने, गालीगलौज करने या मारपीट के लिए आमादा होने का आरोप भी निराधार है।
बाद में वकीलों ने बैठक कर सात सदस्यीय समिति बनाने का निर्णय लिया। समिति मंडलायुक्त व जिलाधिकारी से मिलकर तहसीलदार कोर्ट के विधि विरुद्ध निर्णय की जानकारी देगी।
अध्यक्ष ने बताया कि तहसीलदार, लेखपाल संघ के अध्यक्ष व एक अन्य लेखपाल को हटाने की मांग को लेकर शनिवार से तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार किया जा रहा है। इस मौके पर महामंत्री गयासुद्दीन खां, इजहारुल हसन, लकी खान, दीपक, अखिलेश तिवारी, मार्कंडेय मिश्र, बाबूराम यादव, अली जहीर, अमित कुमार समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।