बलरामपुर। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार चाहे जितना भी प्रयास करे, अधिकारियों की उदासीनता के कारण योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार देश को फाइलेरिया व मलेरिया से मुक्त करने का अभियान चला रही है। अधिकारी इस अभियान के प्रति इस कदर उदासीन है कि जिला मेमोरियल चिकित्सालय में लाखों रुपये की दवा कूड़े की तरह फेंक दी गई है।
गौरतलब है कि देश को फाइलेरिया व मलेरिया से मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा बीते दिनों अभियान चलाया गया था। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करते हुए दवा भी खिलाई। कागजों में दवा खिलाने का लक्ष्य भी हासिल कर लिया गया लेकिन अभियान की जमीनी हकीकत कुछ और ही देखने को मिल रही है।
मेमोरियल अस्पताल के ऊपरी तल पर मानसिक रोग कक्ष के बगल वाली गैलरी में काफी मात्रा में अल्बेंडाजॉल व डीईसी आदि दवाएं कूड़े के बीच पड़ी हुई मिली हैं। कूड़े की तरह बिखरी इन दवाओं को फाइलेरिया मुक्त अभियान के दौरान मरीजों को खिलाया जाना था। इतनी अधिक मात्रा में फेंकी गई दवाओं के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
नाम न छापने की शर्त पर अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि अभियान चलाने वाले अधिकारी कागजों में इन दवाओं को वितरित दिखा चुके हैं। इन दवाओं को जलाकर नष्ट किए जाने की तैयारी थी लेकिन अस्पताल में भीड़भाड़ के चलते जलाया नहीं जा सका। लोगों का कहना है कि अभियान के प्रति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का यदि यही रवैया रहा तो कोई भी अभियान सफल कैसे हो पाएगा।
सफाई के चलते गैलरी में रखवाई गई है दवा
जिन कमरों में दवा रखी हुई थी वह एआरटी सेंटर को आवंटित कर दिया गया है। कमरे की साफ-सफाई होने के कारण दवाओं को बाहर गैलरी में रखवाया गया है। जल्द ही दूसरे कमरे में दवाओं को रखवाया जाएगा। -डॉ. एसएचआई जैदी, सीएमएस, जिला मेमोरियल चिकित्सालय, बलरामपुर
अरबन पीएचसी की है दवा
जिला मेमोरियल चिकित्सालय की गैलरी में रखी हुई दवा अरबन पीएचसी की है। दवाओं को मेमोरियल चिकित्सालय में रखवाया गया था। दवा गैलरी में फेंकी हुई है इसकी सूचना मिली है। दवाओं को इकठ्ठा कर अरबन पीएचसी भेजने का निर्देश दिया गया है। -डॉ. घनश्याम सिंह, सीएमओ, बलरामपुर